
स्वामी आत्मानंद स्कूल (Photo Patrika)
Swami Atmanand School: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला होते हुए भी जशपुर जिले के आत्मानंद विद्यालयों की स्थिति कुछ ठीक नहीं दिख रही है। जहां विद्यालय खुले अब लगभग 6 महीने होने वाले है फिर भी विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे है जिससे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। बच्चे जिन्हें राष्ट्र निर्माता कहा जाता है, उन्ही का भविष्य अंधकार में जाता नजर आ रहा है लेकिन इस बात की चिंता किसी को नहीं है।
आपको बता दें जिले के 11 सेजेस स्कूलों में 81 पदो पर भर्ती निकली थी जिसमें सेजेस कोतबा, सेजेस दोकड़ा, सेजेस बगीचा, सेजेस तपकरा, सेजेस पत्थलगांव, सेजेस कांसाबेल, सेजेस फरसाबहार, सेजेस कुनकुरी, सेजेस पतराटोली, सेजेस जशपुर, सेजेस मनोरा, इन विद्यालयों में व्यायाता, शिक्षक, सहायक शिक्षक, व्यायम शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक, प्रधान पाठक, लेखपाल, भृत्य, चौकीदार कुल मिलाकर 81 पदों पर भर्ती निकली हुई थी जारी भर्ती विज्ञापन की स्तिथि में सबसे ज्यादा पद सेजेस पत्थलगांव 13 पद और सेजेस फरसाबहार में 12 पद खाली है।
शैक्षणिक सत्र के आरंभ में आई इस भर्ती को लेकर पालकों और बच्चों को लगा था की जल्द ही उन्हे शिक्षक मील जाएंगे परन्तु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ अभी नए शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के लगभग 6 माह से होने के बाद भी कुछ अता पता नहीं है जिससे की बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। भर्ती से जुड़ी आखरी अपडेट सितंबर के शुरूआत में आयी थी उसके बाद से प्रक्रिया रुकी हुई है जबकि यह लगभग अपने अंतिम चरण में आ चुकी है।
महीने बीतने के बाद भी भर्ती प्रकिया की स्थिति का कुछ अता पता नहीं जिससे की जिले प्रशासन की आत्मानंद शासकीय विद्यालयों में बेरुखी साफ नजर आ रही है उच्च स्तर पर बैठे अधिकारियों को बच्चों के शिक्षा के प्रति इस प्रकार की उदासीनता आखिर कहा तक सही है।ऐसी स्थिति रही तो इन स्कूलों के परीक्षा परिणाम पर इसका असर पड़ेगा।
इसकी प्रक्रिया चल रही है। कुछ दिन समय लग सकता है। -प्रमोद कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
Updated on:
03 Nov 2025 10:25 am
Published on:
03 Nov 2025 10:25 am
