
गुपचुप खाना पड़ा गया भारी (फोटो सोर्स- Getty Images)
Food Poisoning: जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र के केराडीह साप्ताहिक बाजार में गुरुवार की शाम बाजार में हर सप्ताह चाट और गुपचुप का ठेला लगाने वाले कारोबारी के गुपचुप खाकर उस रात केराडीह के आसपास के 7 से 8 गावों के 80 लोगों के फूड पॉयजनिंग का शिकर होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वो तो गनीमत रही कि सभी बीमार हुए लोगों को गांव में मितानिन, नर्सों और फिर अस्पतालों में समय पर उपचार मिल गया और कोई अनहोनी नहीं हुई।
घटना के संबंध में विभिन्न सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात जब पूरा इलाका सो रहा था, तभी कई घरों में चीख-पुकार मच गई। किसी के पेट में मरोड़ उठी, तो कोई उल्टियां करने लगा। सुबह होते-होते आधे दर्जन से ज्यादा गांवों का हाल बेहाल हो चुका था। जब केराडीह के ही नजदीकी गांव डड़गांव में घर-घर से उल्टियों की आवाजें आने लगीं, तब स्थानीय मितानिन ने मोर्चा संभाला।
उसने देखा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। मितानिन ने बिना वक्त गंवाए, तुरंत नर्स को खबर दी और खुद पीड़ितों को घर-घर जाकर ओआरएस का घोल पिलाना शुरू किया। सूचना मिलते ही नर्स भी दौड़ते हुए गांव पहुंची और बीएमओ कुनकुरी को अलर्ट किया।
अस्पताल में भर्ती मरीजों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, कि हमने तो बस 2-4 गुपचुप खाए थे, लेकिन रात 2 बजे के बाद जो हालत हुई, लगा कि अब नहीं बचेंगे। मरीजों और उनके परिजनों की आंखों में अब राहत के आंसू हैं। वे डॉ कुजूर, नर्सों और मितानिनों का हाथ जोड़कर धन्यवाद कर रहे हैं, जिन्होंने देवदूत बनकर उनकी जान बचाई।
स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार कर ली है। दाराखरिका गांव के उस गुपचुप विक्रेता, जिसके कारण 80 से ज्यादा लोगों की जान जोखिम में पड़ी, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खाद्य विभाग की टीम भी जल्द ही क्षेत्र में सैम्पलिंग शुरू करेगी।
जैसे ही बीएमओ डॉ के कुजूर को पता चला कि केवल एक नहीं, बल्कि सात-आठ गांवों से ऐसे ही मामले आ रहे हैं, उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य अमले को अलर्ट कर खुद मैदान में उतरने का फैसला किया और अस्पतालों में भीड़ न बढ़े और मरीजों को तुरंत राहत मिले, इसके लिए डॉक्टरों की टीम ने गांवों में ही पेड़ों के नीचे और घरों में ड्रिप, बोतल चढ़ाना शुरू कर दिया। और गंभीर रूप से निढाल हो चुके मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल शिफ्ट किया गया।
Updated on:
13 Apr 2026 02:44 pm
Published on:
13 Apr 2026 02:44 pm
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