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कम उम्र, संगीन वारदातें और बढ़ती हत्याएं; युवाओं में बढ़ रहा अपराध का जुनून? जौनपुर जेल के 40 फीसदी कैदी 35 साल से कम उम्र के

UP News: जौनपुर जेल के 40 फीसदी कैदी 35 साल से कम उम्र के हैं। इसमें हत्या और दुष्कर्म के आरोपियों की संख्या सबसे अधिक है।

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40 percent prisoners of jaunpur jail below 35 years of age up news

जौनपुर जिला जेल। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

UP News:उत्तर प्रदेशके जौनपुरजिले में हत्या और दुष्कर्म जैसी गंभीर वारदातों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। पुलिस एक तरफ जहां अपराधियों की गिरफ्तारी कर रही है, वहीं अदालतों से दोष सिद्ध होने के बाद उन्हें सजा भी मिल रही है। इसके बावजूद जिला जेल के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि युवाओं में अपराध की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।

हत्या और दुष्कर्म के आरोपियों की संख्या सबसे अधिक

जिला जेल के मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक बंद कुल बंदी-कैदियों में 15.14 फीसदी आरोपी हत्या के मामलों में बंद हैं, जबकि 14.48 फीसदी बंदी दुष्कर्म के आरोप में जेल में हैं। इसके अलावा 12.35 फीसदी आरोपी हत्या के प्रयास और 9.96 फीसदी आरोपी डीपी एक्ट से जुड़े मामलों में निरुद्ध हैं। यह आंकड़े जिले में गंभीर अपराधों के बढ़ते दायरे की ओर इशारा कर रहे हैं।

35 साल से कम उम्र के 40 फीसदी से ज्यादा बंदी

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि हत्या, दुष्कर्म और अन्य अपराधों में बंद कुल बंदियों में 40 फीसदी से अधिक की उम्र 35 वर्ष से कम है। इनमें अधिकांश पुरुष हैं। इससे साफ है कि युवाओं का एक बड़ा वर्ग अपराध के रास्ते पर बढ़ रहा है।

320 की क्षमता वाली जेल में 750 से ज्यादा बंदी

साल 1870 में स्थापित जिला जेल की अधिकृत क्षमता महज 320 बंदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहां 750 से अधिक विचाराधीन और सजायाफ्ता बंदी रह रहे हैं। इनमें 151 सजायाफ्ता कैदी हैं, जिनमें 137 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 600 से अधिक विचाराधीन बंदी हैं, जिनमें करीब साढ़े पांच सौ पुरुष हैं। अन्य जेलों से गंभीर मामलों में स्थानांतरित होकर आए 11 बंदी भी यहां निरुद्ध हैं।

ऑपरेशन वज्रपात के तहत गैंगों पर पुलिस की सख्ती

युवाओं के अपराध की ओर बढ़ते रुझान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने "ऑपरेशन वज्रपात" के तहत अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है। जिले में अब तक 56 आपराधिक गिरोहों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें करीब 500 सक्रिय सदस्य शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

मुलाकात करने वालों पर भी रखी जा रही नजर

जेल में बंद शातिर अपराधियों और माफियाओं से मिलने आने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) विशेष निगरानी रख रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि बंद अपराधियों से संपर्क रखने वाले लोग कौन हैं और उनकी गतिविधियां क्या हैं।

जेल अधीक्षक ने कही यह बात

एक निजी चैनल से बातचीत में जेल अधीक्षक पीके त्रिवेदी ने कहा, जिला जेल में हत्या और दुष्कर्म के आरोपियों की संख्या सबसे अधिक है। 40 फीसदी से ज्यादा बंदियों की उम्र 35 साल से कम है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन वज्रपात के तहत गिरफ्तार अपराधियों से मिलने आने वाले लोगों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि उनके नेटवर्क और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।