
जौनपुर जेल में गमछे पर बैन। फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब
Jaunpur News: जौनपुर जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब जेल परिसर के अंदर गमछा ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह नियम कैदियों, बंदियों, मुलाकातियों समेत जेल परिसर में आने वाले सभी लोगों पर समान रूप से लागू होगा। गमछे के स्थान पर अब केवल तौलिया इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेशकी जौनपुर जिला जेल पहले से ही क्षमता से कहीं अधिक बंदियों का बोझ झेल रही है। जेल की निर्धारित क्षमता 320 बंदियों की है, जबकि वर्तमान में यहां 753 विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदी निरुद्ध हैं। ऐसे में जेल प्रशासन के लिए सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
जेल प्रशासन के अनुसार गमछा सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील वस्तु साबित हो रहा था। इसका कपड़ा लंबा और लचीला होने के कारण इससे फंदा बनाकर आत्महत्या जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा गमछे की आड़ में प्रतिबंधित सामान छिपाकर जेल के अंदर या बाहर ले जाने का भी खतरा रहता है।
जेल अधीक्षक पीके त्रिवेदी ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया कि बंदियों और जेल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गमछे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके स्थान पर तौलिए के उपयोग की अनुमति दी गई है। यह कदम जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
तौलिया आमतौर पर गमछे की तुलना में छोटा और कम लचीला होता है। ऐसे में उससे फंदा बनाना या किसी अन्य अनुचित गतिविधि में इस्तेमाल करना अपेक्षाकृत कठिन होता है।
तौलिए की मोटाई अधिक होने के कारण उसके भीतर किसी वस्तु को छिपाना आसान नहीं होता। इससे सुरक्षा कर्मियों को निगरानी और तलाशी में भी सुविधा होगी।
जेल प्रशासन ने बंदियों की स्वच्छता प्रभावित न हो, इसके लिए जेल कैंटीन में तौलियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है।
जौनपुर में 1200 कैदियों की क्षमता वाली नई जेल का निर्माण भी कराया जा रहा है। यह जेल कुद्दूपुर, इंदरिया और रंजीतपुर क्षेत्र में बन रही है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग वाराणसी के भवन खंड को सौंपी गई है।
नई जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, उच्च सुरक्षा बैरक, अस्पताल, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और अधिकारियों के आवासीय परिसर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह जेल पूरी तरह हाईटेक होगी।
नई जेल का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक लगभग 75 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। जेल प्रशासन के अनुसार निर्माण एजेंसी को जुलाई तक काम पूरा करने की समय-सीमा दी गई है।
जेल प्रशासन की सख्ती के पीछे वर्ष 2025 की एक गंभीर घटना भी मानी जा रही है। 21 नवंबर 2025 को जिला जेल में बंद मोहम्मद सुफियान (24) ने जनरेटर रूम में गमछे के सहारे टीनशेड के पोल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
सुफियान ने उसी वर्ष प्रेम विवाह किया था, लेकिन कुछ समय बाद दहेज हत्या के मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई और 27 अक्टूबर 2025 को उसे जेल भेजा गया था। इस घटना के बाद से जेल प्रशासन सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
जेल प्रशासन का मानना है कि गमछे पर प्रतिबंध जैसे कदम बंदियों की सुरक्षा और जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखने में मददगार साबित होंगे। साथ ही भविष्य में भी सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा सकते हैं।
Updated on:
13 Jun 2026 01:27 pm
Published on:
13 Jun 2026 01:18 pm
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