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चाइनीज मांझे ने ले ली टीचर की जान, आधे से ज्यादा गर्दन कटी…बाइक से औंधे मुंह सड़क पर गिरे

Chinese Manja Accident : जौनपुर में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक शिक्षक की मौत हो गई। संदीप के गले में मांझा फंस गया और वह औंधे मुंह सड़क पर गिर पड़े।

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संदीप की चाइनीज मांझे से गर्दन कटकर मौत, PC- X

जौनपुर : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक बार फिर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक युवक की जान ले ली। नगर कोतवाली क्षेत्र के उमरपुर हरिबंधनपुर निवासी 40 वर्षीय संदीप तिवारी, जो एक निजी स्कूल में शिक्षक थे, अपनी सात साल की बेटी मन्नत को सेंट पैट्रिक स्कूल छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे। तभी आजमगढ़-जौनपुर रोड पर शास्त्री पुल के पास उनकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मांझा निकालने की कोशिश में संदीप ने ब्रेक लगाई, लेकिन बाइक अनियंत्रित हो गई। वे सड़क पर औंधे मुंह गिर पड़े और तेज धार वाला मांझा उनकी गर्दन को चीरता चला गया। गर्दन आधी से अधिक कट गई, जिससे भारी रक्तस्राव हुआ। संदीप काफी देर तक सड़क पर तड़पते रहे। राहगीरों ने मदद की कोशिश की। कुछ ने रुमाल बांधकर खून रोकने का प्रयास किया, लेकिन खून नहीं रुका।

लगातार ब्लीडिंग ने ले ली जान

सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे तक जी-तोड़ कोशिश की, टांके लगाने का प्रयास किया, लेकिन लगातार ब्लीडिंग के कारण सुबह सवा नौ बजे संदीप ने दम तोड़ दिया। यह हादसा 11 दिसंबर 2025 की सुबह का है, जो जिला मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर दूर हुआ।

संदीप के रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वाले बताते हैं कि संदीप रोज की तरह बेटी को स्कूल छोड़ने गए थे। लौटते समय यह अनहोनी हो गई।

मंझे पर रोक लगाने की मांग

घटना के बाद गुस्साए स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मकर संक्रांति नजदीक आने पर पतंगबाजी बढ़ जाती है और चाइनीज मांझे की खुली बिक्री होती है, लेकिन प्रशासन कोई सख्ती नहीं दिखाता। लोग मांग कर रहे हैं कि मांझे की बिक्री और उपयोग पर तुरंत रोक लगे, साथ ही दोषी विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई हो।

कई मिश्रण से बनता है यह मांझा

उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है। सामान्य कॉटन धागे के विपरीत, यह नायलॉन में धातु पाउडर, कांच और लोहे का चूरन मिलाकर बनाया जाता है, जो इसे बेहद तेज और अटूट बनाता है। पेच लड़ाई में यह कटता नहीं, बल्कि गला रेतने की क्षमता रखता है। हर साल ऐसे हादसे होते हैं, लेकिन बावजूद इसके इसकी काला बाजारी जारी है।

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