पत्नी को चुनाव लड़ाने के लिए पानी की तरह बहाया पैसा, वोटर लिस्ट में नाम नहीं आने पर एसडीएम के सामने फूट-फूटकर रोया

Highlights

- जौनपुर जिले के महाराजगंज ब्लॉक की भरथरी ग्राम पंचायत का मामला

- मतदाता सूची में नाम गायब देख महीनों की मेहनत पर फिरा पानी

- बोला- साहब अगर हमें चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला तो हम बर्बाद हो जाएंगे

By: lokesh verma

Published: 02 Apr 2021, 12:55 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जौनपुर. जैसे-जैसे यूपी पंचायत चुनाव की तारीख सामने आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी सरगर्मी तेज हो गई। इस दौरान अजब गजब मामले भी सामने आ रहे हैं, जो उत्तर प्रदेश की सुर्खियां बन रहे हैं। इसी तरह का एक मामला जौनपुर जिले की भरथरी ग्राम पंचायत में भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कई महीने से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही एक महिला दावेदार के पैरों तले उस समय जमीन ही न रही, जब उसने मतदाता सूची में अपना नाम गायब देखा। महीनों की मेहनत खराब होती देख महिला का पति सीधे एसडीएम के पास पहुंचा और बोला कि हमने तो अब तक प्रचार में हजारों रुपए खर्च कर दिए हैं और नामांकन पत्र भी खरीद लिया है, लेकिन ग्राम प्रधान पद की दावेदान मेरी पत्नी का नाम मतदाता सूची में नहीं है। यह कहते हुए वह फफक-फफककर रोने लगा। उसने रोते हुए कहा कि साहब अगर हमें चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला तो हम बर्बाद हो जाएंगे।

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दरअसल, यह मामला जौनपुर जिले के महाराजगंज ब्लॉक की भरथरी ग्राम पंचायत का है। जहां के रहने वाले दलई राम एक वर्ष से ग्राम प्रधान पद पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। जब आरक्षण की सूची जारी की गई तो उसमें भरथरी ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया। इसके बाद दलईराम ने फैसला किया कि अब वह अपनी पत्नी प्रेमा देवी को चुनाव मैदान में उतारेगा। इसके लिए उसने पूरे गांव को बैनर-पोस्टर से पाट दिया था और घर-घर जाकर चुनाव प्रचार भी तेज कर दिया था।

रोते हुए बोला- साहब टूट जाएगा वर्षों पुराना सपना

दलई राम ने अपनी पत्नी का जाति प्रमाणपत्र और नोड्यूज सर्टिफिकेट बनवाने के साथ ही नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। इसके बाद वह जरूरी दस्तावेज एकत्रित कर रहा था। इसी बीच उसने देखा कि पत्नी प्रेमा देवी का नाम मतदाता सूची से गायब है। यह देखते ही पति-पत्नी के पैरों तले जैसे जमीन ही न रही। इसके बाद वह गुरुवार को बदलापुर तहसील पहुंचा और एसडीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि चुनाव प्रचार में वह अब तक 20 हजार रुपए से अधिक खर्च कर चुका है। यह कहते ही उसकी आंखें भर आईं और वह फफक-फफककर रोने लगा। उसने एसडीएम से कहा कि साहब अगर पत्नी का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया तो उसका वर्षों पुराना सपना टूट जाएगा।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस संबंध में एसडीएम कौशलेश कुमार मिश्र का कहना है कि भरथरी गांव की रहने वाली प्रेमा देवी का नाम मतदाता सूची में नहीं है। उसका नाम सूची से कैसे कटा इसके लिए बीएलओ से जवाब तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का भरोसा है।

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