
सपा सांसद प्रिया सरोज और अनिरुद्ध आचार्य Photo Source: X & Instagram
अखिलेश यादव और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बीच हुई बातचीत का जुबानी जंग के बीच समाजवादी पार्टी की मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज ने एक्स पर टिप्पणी कर विवाद को और तेज कर दिया है। उन्होंने लिखा कि जब कोई बाबा कृष्ण जी का नाम तक नहीं बता पाते। तब अपनी छवि सुधारने के लिए सपा प्रमुख के बयान को हिंदू-मुस्लिम रंग देकर देश-प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। क्या उनके प्रवचनों में यही सिखाया जाता है।
जौनपुर के मछली शहर लोकसभा सीट से सपा सांसद प्रिया सरोज ने इस टिप्पणी के साथ अनिरुद्धाचार्य की तस्वीर भी साझा की है। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। कुछ लोग इसे बेबाक सच बता रहे हैं। तो कुछ ने इसे संतों के खिलाफ बयान कहा।
राजनीतिक हलकों में इसे अनिरुद्धाचार्य पर सीधा हमला माना जा रहा है। सांसद ने अपने पोस्ट में यह भी संकेत दिया कि धर्म मंचों से समाज में विभाजन की बातें की जा रही हैं। जो देश की लोकतांत्रिक भावना और सांस्कृतिक एकता के विरुद्ध है। यह पोस्ट ऐसे समय पर आई है। जब अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य महाराज के बीच हुई बहस के वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आइये जानते हैं। क्या है पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बीच हुई बातचीत का अंश
अखिलेश यादव और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के बीच करीब ढाई साल पहले आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई। बातचीत का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। दोनों के बीच दो प्रमुख मुद्दों पर वैचारिक मतभेद सामने आए। जिसके बाद अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से कह दिया। आपका रास्ता अलग और मेरा रास्ता अलग है। जिसमें दोनों एक-दूसरे से तीखे सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। बहस की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने अनिरुद्धाचार्य से पूछा कि भगवान श्रीकृष्ण का सबसे पहला नाम क्या था। इस पर कथावाचक ने जवाब दिया वासुदेव नंदन। अखिलेश ने दोबारा सवाल किया कि जब उनकी मां ने जन्म दिया। तो क्या नाम रखा। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, उनके अनेक नाम हैं।
वहीं, चर्चा के दौरान अनिरुद्धाचार्य द्वारा वर्ण व्यवस्था के तहत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र का उल्लेख किया गया। इस पर अखिलेश यादव ने उन्हें टोका और कहा आइंदा किसी को शूद्र मत कहना। बात यहीं नहीं रुकी, बल्कि अखिलेश ने अंत में कहा, “अब हमारा और आपका रास्ता यहीं से अलग होता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि जब मैंने सच कहा तो उन्होंने कह दिया कि रास्ता अलग है। उन्होंने तंज कसा कि “वो मुसलमानों से तो नहीं कहते कि तुम्हारा रास्ता अलग, मेरा अलग है। बल्कि कहते हैं कि तुम्हारा रास्ता ही हमारा रास्ता है। जब नेता ऐसा भेदभाव करेंगे। तो देश का कल्याण कैसे होगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के PRO ने बताया कि यह वीडियो ढाई साल पुराना है। लोकसभा चुनाव के दौरान वर्ष 2023 का है। यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। तो महाराज जी ने इस पर बयान भी दिया है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि पत्रिका नहीं करता है।
Updated on:
18 Jul 2025 10:03 am
Published on:
18 Jul 2025 10:03 am
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