
चिता
जावेद अहमद
जौनपुर. जीवन भर साथ निभाने का वादा मरते दम तक फूल कुमारी को याद रहा। पति की मौत के बाद उसने अपना वादा सांस की डोरी तोड़ कर निभाया। इसके बाद दोनों के शव को एक ही चिता पर लिटा कर मुखाग्नि दी गई।
महराजगंज थाना क्षेत्र के मजिठहां निवासी इलेक्ट्रिक वेल्डिंग कारीगर रामजीत विश्वकर्मा की मौत बुधवार को दोपहर मे हो गई थी। पत्नी फूलकुमारी पति की मौत से सदमे में पहुंच गई। अभी लोग पति को लेकर प्रयागराज घाट पहुंचे थे कि शाम करीब 6 बजे फूलकुमारी ने भी दुनिया को अलविदा कर दिया। खबर अंतिम संस्कार करने गए लोगों को दी गई तो उनकी आंखें नम हो गईं। पुत्र लल्लू विश्वकर्मा, रविंद्र, सुभाष और सोने लाल ने पिता की चिता को रोक कर माता के लिए भी उसी पर स्थान सजाया।
गुरुवार के तड़के फूलकुमारी का भी शव वहां पहुंच गया। फिर बेटों ने माता और पिता दोनों के लिए एक ही चिता सजाकर उनका दाह संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि रामजीत विश्वकर्मा सांस सबंधी बीमारी से ग्रसित थे। वहीं उनकी पत्नी फूल कुमारी मधुमेह से परेशान थीं।
Published on:
01 Nov 2018 03:35 pm
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