
Congress leader news: झाबुआ जिले के राणापुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मथियास भूरिया (47) को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है। बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे उन्हें नोटिस तामील करवाया गया। इस मुद्दे पर गुरुवार सुबह 11 बजे वे अपनी बात रखने वाले थे। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने मथियास को गोपाल मंदिर के सामने से उठा लिया। उसके विरुद्ध शांति भंग करने का मामला दर्ज किया गया। शाम को मथियास को एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मथियास न केवल कांग्रेस पार्टी संगठन बल्कि पुलिस और प्रशासन के भी निशाने पर थे। गत 22 अगस्त को राणापुर में जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर बिना अनुमति के भीड़ जमा कर प्रदर्शन करने पर उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से मथियास लगातार बयानबाजी कर रहे थे। कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर 13 सितम्बर को मेघनगर में आंदोलन का ऐलान किया था।
इस बीच बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नेहा मीना ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदन के आधार पर मथियास को 6 माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी कर दिए। जिला बदर की अवधि में मथियास को झाबुआ जिले के साथ ही समीपवर्ती जिले धार, रतलाम, आलीराजपुर, खरगोन और बडवानी की राजस्व सीमाओं में भी प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।
मथियास को बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे जिला बदर का आदेश तामील करवाया गया। आदेश मिलने के बाद मथियास भूरिया गुरुवार सुबह 11 बजे गोपाल कॉलोनी में गोपाल मंदिर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखने वाले थे। इसकी भनक पुलिस को लग गई। करीब 11 बजे वे गोपाल मंदिर के सामने खड़े थे। तभी कोतवाली प्रभारी आरसी भास्करे दल बल के साथ पहुंचे और मथियास को हिरासत में ले लिया।
उसने कहा भी कि जिला बदर के आदेश के 24 घंटे में उसे जिले की सीमा छोड़ना है, परंतु पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। मथियास को पैदल ही कोतवाली ले जाया गया। यहां से एक पुलिसकर्मी के निजी वाहन में बैठाकर उसे तत्काल अन्यत्र रवाना कर दिया। मथियास के विरुद्ध शांति भंग करने का प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे मथियास को पीछे के रास्ते से एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दे दिए गए।
मथियास लगातार कांग्रेस नेताओं के विरुद्ध बयान देकर पार्टी के निशाने पर आ गए थे। गत 17 अगस्त को उन्हें राणापुर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाया गया। इसके बाद जब मथियास मुखर हुए तो 26 अगस्त को कांग्रेस के संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। इस नोटिस में स्पष्ट किया गया कि पार्टी संगठन एवं जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध उनके द्वारा लगातार अनर्गल बयानबाजी की जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। उक्त आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। मथियास ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति इससे संतुष्ट नहीं हुई। इसके बाद गत 8 सितंबर को मथियास को पार्टी की सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया।
माननीय जिला दंडाधिकारी महोदय के द्वारा आरोपी मथियास भूरिया के विरुद्ध जिला बदर का आदेश पारित किया गया था। सुबह कोतवाली पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि वह झाबुआ शहर में आकर कुछ संज्ञेय अपराध घटित करने वाला है। ऐसे में एहतियात कोतवाली पुलिस ने उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 170 के तहत हिरासत में लिया। इसके पश्चात आरोपी को एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। जहां से उसे जेल भेजा गया है।
पद्म विलोचन शुक्ल, एसपी, झाबुआ
Updated on:
13 Sept 2024 08:32 am
Published on:
13 Sept 2024 08:31 am
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