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डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते जनरल मैनेजर गिरफ्तार, फसल बीमा की राशि को लेकर मांगी थी रिश्वत

प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि मंजूर करने मांगी थी 3 लाख रुपए की रिश्वत...जिसमें से डेढ़ लाख रुपए वह पहले ही ले चुका था..

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झाबुआ. मध्यप्रदेश में एक बार फिर एक और रिश्वतखोर अधिकारी पर लोकायुक्त की टीम ने शिकंजा कसा है। इस बार मामला आदिवासी बाहुल्य जिले झाबुआ का है जहां जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के महाप्रबंधक डीआर सरोटिया को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है। जनरल मैनेजर डीआर सरोटिया के खिलाफ जिले के कालिदेवी सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रबंधक वेलसिंह पलासिया ने लोकायुक्त से शिकायत की थी जिस पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने रिश्वतखोर जनरल मैनेजर डीआर सरोटिया को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि को लेकर मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी अनुसार इंदौर लोकायुक्त टीम को झाबुआ जिले की कालिदेवी सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रबंधक वेलिसिंह पलासिया ने शिकायत की थी कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक डीआर सरोटिया प्रधानमंत्री फसल बिमा की राशि को लेकर रिश्वत की मांग कर रहे है। इसके लिये उन्होनें तीन लाख रूपये की मांग की थी और पूर्व मं डेढ़ लाख की एक किश्त ले चुके हैं। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने महाप्रबंधक को रंगे हाथों पकडने के लिये प्लान बनाया और शनिवार सुबह जब वेलसिंह को पैसे लेकर आरटी सरोठिया के पास भेजा। जैसे ही सरोठिया ने रिश्वत के पैसे लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों धरदबोचा।

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शिकायतकर्ता का कथन
शिकायतकर्ता वेलसिंह पलासिया ने बताया कि रामा ब्रांच के अधीन आने वाली तीन सोसायटी (कालीदेवी, माछलिया, उमरकोट) के करीब 180 किसानों की बीमा राशि मंजूरी के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री की जानी है। 137 किसानों की राशि मंजूर कर पोर्टल पर अपलोड करने के एवज में महाप्रबंधक डीआर सरोटिया ने 3 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से डेढ़ लाख रुपए आरोपी ने 19 अगस्त को दबाव बनाकर ले लिए और अब बाकी डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी।

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