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उत्कृष्ट स्कूल की शिकायत व सुझाव पेटी के अंदर लगे मकड़ी के जाले, उपयोग नहीं

स्कूलों में औपचारिकता तक सीमित है शिकायत व सुझाव पेटी
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झाबुआ

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Binod Singh

•

Updated: 23 Jul 2022, 1:44 AM IST

उत्कृष्ट स्कूल की शिकायत व सुझाव पेटी के अंदर लगे मकड़ी के जाले, उपयोग नहीं

उत्कृष्ट स्कूल की शिकायत व सुझाव पेटी के अंदर लगे मकड़ी के जाले, उपयोग नहीं

झाबुआ. स्कूलों में छात्रों व अभिभावकों को विद्यालय में शैक्षणिक व प्रबंधन के संबंध में शिकायत व सुझाव देने की व्यवस्था है। इसके लिए स्कूलों में प्राचार्य कक्ष व स्टाफ कक्ष के बाहर शिकायत पेटी व सुझाव बाक्स उपलब्ध है। इनकी उपयोगिता को लेकर पत्रिका ने स्कूलों की पड़ताल की है।
पड़ताल में यह बात सामने आई है कि स्कूलों में यह शिकायत एवं सुझाव पेटियां है लेकिन इसमें कभी कोई शिकायत व सुझाव नहीं आते हैं। स्कूल प्रबंधन का बताया कि बच्चों की अभी आदत में नहीं है कि व शिकायत व सुझाव लिखकर शिकायत पेटी में डालें। सामान्य तौर वे सीधे ही शिकायत करतें हैं, जिसका निराकरण शिक्षक व
प्राचार्य से कर देते हैं। इसके बाद प्राचार्य ने शासकीय उत्कृष्ट में
लगी शिकायत बॉक्स खोले तो उसके अंदर मकड़ी के जाले
लगे मिले।
प्राचार्य का कहना
बताया जा रहा है कि अभी हाल ही में केरल हाइकोर्ट ने सभी स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी अनिवार्य रुप से रखने के निर्देश दिए हैं। इस लेकर शासकीय स्कूलों की पड़ताल पत्रिका ने टीम ने सोमवार को किया है। इनमें सर्वप्रथम शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में लगी शिकायत एवं सुझाव पुस्तिका में अब तक अपने सामने खुलवाई है, जिसमें अंदर खुलते ही मकड़ी का जाला निकला है। वहीं प्राचार्य महेन्द्र खुराना ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र में पेटी में कोई शिकायत नहीं मिली है। छात्र सीधे ही जो शिकायत होती है वह क्लॉस टीचर या शिक्षक या फिर मुझे आकर बताते हैं। वहीं अभिभावक में सीधे संवाद करना पंसद करते हैं। इसके लिए अब पीटीएम की बैठक में होती है।
विद्यार्थियों में नहीं हैं इतनी जागरुकता
शासकीय राती तलाई स्कूल में शिकायत व सुझाव दोनों के लिए अलग-अलग पेटियां रखी है। यहां कहीं भी विद्यार्थियों ने एक भी शिकायत दर्ज नहीं की है। राती तलाई स्कूल के प्राचार्य रवींद्र ङ्क्षसह सिसोदिया का कहना है कि बालकों में इतनी जागरुकता नहीं है कि वह अपनी बात कह सकें। उनसे सामान्य बातचीत करने पर भी वे जवाब नहीं दे पाते।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य राम किशोरी ठाकुर ने बताया कि शैक्षणिक स्तर पर जो भी समस्याएं आती हैं। छात्राएं सीधे शिक्षकों से संवाद करती है और तुरंत समस्याओं का समाधान कर दिया जाता है। सत्र शुरू होने से अब तक एक भी शिकायत नहीं मिली है। 1350 एडमिशन है, छात्राओं के अभी 31 जुलाई तक एडमिशन चल रहा है। पिछले सत्र में भी अधिकतर शिकायतें शिक्षा से संबंधित ही मिली थी, लेकिन निर्देश के अनुसार शिकायत व सुझाव पेटी है। जिसके सप्ताह में एक बार खोला जाता है।