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सिंहस्थ 2028: बदलेगी श्रृंगेश्वर धाम की तस्वीर, शिवलिंग टूरिस्ट सर्किट का होगा हिस्सा

Simhastha 2028: मध्य प्रदेश के झाबुआ में स्थित हिंदू धर्म के महान ऋषि श्रृंगी के नाम पर श्रृंगेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण करने का प्रस्ताव। कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने इस धाम को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने की पहल की है।

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झाबुआ

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Akash Dewani

Mar 01, 2025

Proposal to build Shringieshwar Dham as a centre of religious tourism for Simhastha 2028 in Jhabua MP

Simhastha 2028: मध्य प्रदेश के झाबुआ में स्थित श्रृंगेश्वर धाम को धार्मिक पर्यटन (religious tourism) के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 6.3 करोड़ रूपए की योजना प्रस्तावित की गई है। कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया के मार्गदर्शन और कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में जल संसाधन विभाग ने स्थल के सौंदर्यीकरण और घाट निर्माण की योजना तैयार की है। बता दें कि, यह विकासकार्य सिंहस्थ 2028 कुंभ मेले को लेकर किया जा रहा है।

आस्था का प्रमुख केंद्र

झाबुआ के पेटलावद क्षेत्र में स्थित श्रृंगेश्वर धाम माही और मधुकन्या नदी के संगम पर स्थित है। यह स्थान ऋषि श्रृंगी से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। मान्यता है कि ऋषि श्रृंगी के सिर पर सींग थे, जो माही नदी में स्नान करने के बाद गल गए थे। तब से यह स्थान श्रृंगेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

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धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस प्रोजेक्ट के तहत नए और पुराने मंदिर को जोड़ने के साथ-साथ बैठने की व्यवस्था, गार्डन, सुरक्षा रैलिंगजैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कलेक्टर नेहा मीना ने बताया कि 2028 में उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए इस धाम को शिवलिंग टूरिस्ट सर्किट से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा, देवझिरी तीर्थ स्थल पर भी इसी तरह के विकास कार्य किए जाएंगे।

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त्योहारों और आयोजनों का प्रमुख केंद्र

श्रृंगेश्वर धाम पर गुरु पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, श्रावण मासजैसे आयोजनों के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां रुद्र महायज्ञ का आयोजन भी हो चुका है। जल संसाधन विभाग से प्रस्ताव स्वीकृत होते ही कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।