
6 डी की काउंसलिंग का शिक्षकों ने किया विरोध
हरिसिंह गुर्जर/झालावाड़.6डी की काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही शिक्षकों ने हंगामा कर दिया। राज्य सरकार के निर्देशानुसार पंचायती राज के शिक्षकों को 6 डी के तहत प्रारंभिक शिक्षा विभाग से माध्यमिक शिक्षा विभाग में भेजा जा रहा है। बुधवार को डीईओ कार्यालय में सुबह 11 बजे से काउंसलिंग शुरू होने वाली थी। इससे पहले ही शिक्षकों ने वहां पहुंचकर काउंसलिंग का विरोध करना शुरू कर दिया। शिक्षक पहले तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने बीच सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद काउंसलिंग में भाग लेने से मना कर दिया। वहां मौजूद शिक्षकों ने आरोप लगाया कि 25 जून को भी काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। तो कई लोगों ने कहा कि अभी तो स्थानातंरण हुआ है अब 6 डी के तहत फिर से स्कूल बदला जा रहा है। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है। बाद में सभी शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया।
इतने पदों पर हो रही काउंसलिंग-
पंचायत राज शिक्षा से माध्यमिक में तृतीय श्रेणी के रिक्त 39 पदों के लिए काउंसलिंग की जा रही है। जहां पर रिक्त पद है उनको देखकर ही वहां के लिए प्रारम्भिक शिक्षा विभाग से माध्यमिक में तृतीय श्रेणी के शिक्षकों को लिया जा रहा
है।
पोर्टल पर नहीं दिखाई रिक्त सीटें-
शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि शिक्षाविभाग ने पोर्टल पर रिक्त सीटों को नहीं दिखाया गया है। जबकि जिले में कई स्कूलों में रिक्त सीटें है। लेकिन मनोहरथाना में दो व अकलेरा में एक ही सीट रिक्त बताई गई है। शेष डग ब्लॉक की रिक्त दिखा रखी है। ऐसे में काउंसलिंग में भाग लेने से मना किया। शिक्षको का कहना है कि कई शिक्षकों का ट्रांसर्फर इधर-उधर हुए है, लेकिन उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया है। इसके चलते सीटेें रिक्त नहीं हुई है। ऐसे में शिक्षकों ने सात जुलाई तक काउंसलिंग को आगे बढ़ाने की मांग की।
ऐसे बताई अपनी परेशानी-
6डी में पोर्टल पर रिक्त सीटे सिर्फ डग की ही बताई है। मनोहरथाना व अकलेरा कि रिक्त सीटें नहीं दिखाई गई है। अरनिया स्कूल में पदस्त शिक्षिका मांगी मीणा ने बताया कि 7 जुलाई तक काउंसलिंग आगे बढ़ाई जाए या हमें सही स्थान दिया जाए। 25 जून केा भी बुलाया था। लेकिन उस दिन भी कुछ नहीं हुआ। राखी गुप्ता ने बताया कि पहले जिन लोगों के 6 डी में नाम थे उनके नाम हटा दिए गए है। हम जूनियर के नाम जोड़ दिए गए है। 1999 वालों के नाम हटा दिए गए है। 2005 वाले शिक्षकों के नाम आ गए जो बहुत जूनियर है। अनिल गौतम ने बताया कि 6 डी में उन्हीं कार्मिकों को लिया जा रहा है। जिनकी नियुक्ति पंचायती राज के शिक्षकों को ही लेना है। जबकि झालावाड़ में शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी 6 डी में लिया जा रहा है। यह झालावाड़ जिले में ही हो रहा है। दयाभाव स्कूल के शिक्षक गोविन्द नारायण सुमन ने बताया कि 25 को काउंसलिंग होने थी, मेरा ट्रांसर्फर हो गया। शहरी क्षेत्र के लोगों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के नाम आए है। कालूराम मीणा ने बताया कि 25 तारीख को जो काउंसलिंग होनी थी, उसे कैंसिल कर रिक्त सीटों को छुपाकर ट्रांसफर द्वारा चेहते को लगा दिया। भवानीमंडी क्षेत्र से प्रेमकुमार ने बताया कि उसकी पत्नी को हटाकर दूसरी जगह लगा दिया अब फिर से 6 डी में नाम आ गया है। राजनेताओं द्वारा अपने चेहतों को निकट के स्कलों में लगाए जाने की शिकायत भी की है।
क्या है 6डी-
माध्यमिक शिक्षा में तृतीय श्रेणी के रिक्त पदों को भरने के लिए प्रारम्भिक शिक्षा के वरिष्ठ शिक्षकों को लिया जाता है। जिनके खिलाफ कोई कोर्ट केस नहीं हो। ऐसे पंचायती राज के शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में 6 डी के नियमों के तहत लिया जाता है। 8 मई 2016 को निदेशक माध्यमिक द्वारा इस आशय का आदेश भी जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे शिक्षक जिनका समायोजन लेवल प्रथम व लेवल द्वितीय विषयवार की बिन्दु संख्या एक में वर्णित संबंधित लेवल, विषय की रिक्तियों से कम हो तो उक्त शेष रिक्त पदों की संख्या के बराबर संबंधित लेवल प्रथम व लेवल द्वितीय विषयवार के शिक्षक प्रारम्भिक शिक्षा में कार्यरत ऐसे शिक्षक जो 6 डी के तहत चयनित हो अथवा राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम 1971 के तहत नियुक्त हो, वो संबंधित जिले में कार्यग्रहण तिथि को वरीयतानुसार सैटअप परिवर्तन के माध्यम से प्राप्त किया जाकर पदस्थापित किया जाएं।
इस लिए भी नहीं जाना चाहत शिक्षक-
जानकारों ने बताया कि 6 डी के तहत तृतीय श्रेणी के शिक्षकों को दूसरे स्थान पर लगाया जाता है। लेकिन उन्हें सिर्फ अघोषित प्रमोशान दिया जाता है। इसमें सिर
्फ ओहदा बढ़ रहा है, लेकिन वेतन में कोई इजाफा नहीं होता है। ऐसे में लंबे समय से एक ही स्कूल में पदस्त शिक्षक दूसरे स्कूल में जाने से कतराते हैं।
दिया ज्ञापन-
डीईओ माध्यमिक को दिए ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि 6डी की सूचियां जो चस्पा की गई है। वह नियम विरूद्ध है। प्रथम लेवल की रिक्तिया जिले में करीब 90-100 है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 42 ही रिक्तियां दिखाई गई है। जो नियम विरूद्ध है। इसलिए काउंसलिंग को निरस्त किया जाए। ज्ञापन देेने वालों में संजय शर्मा, राजकुमारी, नरसिंह, किरण त्रिवेदी, गीता राठौर, कृष्णा गौतम, मनोज आचार्य सहित शिक्षक मौजूद थे।
नियमानुसार हो रही काउंसलिंग-
पूरे राजस्थान में काउंसलिंग हो रही है। ऐसा नहीं है कि यह झालावाड़ में ही हो रही है। पूरे जिले में जहां-जहां भी सीटे खाली है उसकी सूचना चस्पा की गई है। नियमानुसार काउंसलिंग की जा रही है।
सुरेन्द्र सिंह गौड़ जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, झालावाड़।
Published on:
04 Jul 2018 08:01 pm
