
In Khasi marriages, men go and live with the wife and her family
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/सुनेल । दीवाली के कुछ दिनों बाद ही वेडिंग सीजन शुरू हो जाएगा। देवउठनी एकादशी 4 नवम्बर को ( Dev Uthani Ekadashi 2022 Date ) है। हालांकि इस बार शादियों की शुरूआत 23 नवम्बर के बाद होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन से भगवान विष्णु निंद्रा से जागते है और इसके अगले दिन तुलसी विवाह किया जाता है। इस बार तुलसी विवाह भी 5 नवम्बर को है।
देवशयनी एकादशी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार जुलाई माह में देवशयनी एकादशी से श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। उनके योग निद्रा के साथ सभी शुभ और मांगलिक कार्य चार माह के लिए बंद हो जाते है। उसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का शयन काल समाप्त होता है और इसी दिन से विवाह और अन्य मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते है। हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य को करने के लिए शुभ समय देखना आवश्यक होता है।
नहीं है कोई भी मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार देव उठनी एकादशी 4 नवम्बर को है। लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दौरान सूर्य की स्थिति विवाह के लिए उचित नहीं है। ज्योतिषाचार्यो की माने तो सूर्य इस दौरान तुला राशि में रहेगा साथ ही 23 नवंबर की रात्रि तक शुक्र का तारा भी अस्त रहेगा। अत: सभी मांगलिक कर्म बंद रहेंगे।
Vivah Muhurat 2022-23
नवम्बर में मुहूर्त: 25 नवम्बर, 27 नवम्बर
दिसंबर में मुहूर्त: 2 दिसंबर, 7 दिसंबर, 9 दिसंबर, 14 दिसंबर
Published on:
28 Oct 2022 01:51 pm
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