कम्प्यूटर लैब से उपकरण चोरी तो संस्थाप्रधान होंगे जिम्मेदार

कम्प्यूटर लैब से उपकरण चोरी तो संस्थाप्रधान होंगे जिम्मेदार

harisingh gurjar | Publish: Sep, 09 2018 03:29:17 PM (IST) Jhalawar City, Jhalawar, Rajasthan, India

-बीमा कराना अनिवार्य
- जिले में तीन चरणों में आईसीटी लैब में आ चुके है कम्प्यूटर

 

हरि गुर्जर
झालावाड़.सरकारी स्कूलों में आईसीटी योजना के तहत स्कूलों में संचालित कम्प्यूटर लैब में सभी उपकरणों का सुरक्षा बीमा करना अनिवार्य होगा। अगर किसी भी विद्यालय में बिना बीमा कोई उपकरण चोरी हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संस्थाप्रधानों की होगी। इसके लिए हाल ही में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सुरेशचन्द्र ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों माध्यमिक, जिला परियोजना समन्वयक व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को आदेश जारी किए है। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में आने वाले सभी स्कूलों के संस्थाप्रधानों को लैब के प्रति गंभीर होना होगा। हालांकि जिले में पहले भी कई स्कूलों में कम्प्यूटर पंखे चोरी होने की घटनाएं हो चुकी है।
यह दिया आदेश-
निदेशक द्वारा भेजे गए आदेश में कहा गया है कि विद्यालय में चोरी आदि घटना होने परसंस्था प्रधान की ओर से एफआईआर करवाई जाएगी। साथ ही इसकी सूचना संबंधित सेवा प्रदाता कंपनी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को तुरंत प्रभाव से देनी होगी।
ऐसे होगा बीमा-
आइसीटी के प्रथम चनरण (2008-2013) व द्वितीय चरण ( 2010-15) में योजना की अवधि समाप्त हो चुकी है।तो सेवाप्रदाता की ओर से कम्प्यूटर लैब विद्यालय प्रशासन को हस्तानान्तरित की जा चुकी है, इसकी सुरक्षा के लिए बीमा विद्यालय स्तर पर संस्थाप्रधान कराएंगे। विद्यालय छात्र विकास कोष एवं अन्य बचत राशि से कम्प्यूटर लैब का सुरक्षा बीमा करवाया जाएगा।
-आइसीटी के तृतीय चरण(2014-19 ) में सेवा प्रदाता की ओर से कम्प्यूटर लैब का सुरक्षा बीमा करवाया गया है, इन उपकरणों की चोरीआदि घटना होने पर संस्थप्रधान एफआईआरदर्ज करवाकर सेवा प्रदाता- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालया को सूचना देंगे, साथ ही लैब को पुन: स्थापित करेंगे।

- आइसीटी के चुतर्थ चरण ( 2015-20) में कम्प्यूटर लैब की सुरक्षा के लिए बीमा विद्यालय स्तर पर संस्थाप्रधान की ओर से किया जाएगा, इसके लिए आइसीटी योजनान्तर्गत जिला कार्यालय में आवंटित की गई राशि का उपयोग कर समस्त उपकरणों का सुरक्षा बीमा करवाया जाएगा।

-आइसीटी के पांचवे चरण( 2016-21 व 2018-23) में सेवाप्रदाता की ओर से कम्प्यूटर लैब का सुरक्षा बीमा करवाया गया है, इन उपकरणों की चोरी आदि की घटना होने पर संस्थाप्रधान एफआईआर दर्ज करवाएंगे, साथ ही प्रदाता, जिला कार्यालय को सूचना देकर लैब का पुन: स्थापित करवाएंगे।

फैक्ट फाइल-
-जिले में कुल स्कूल- 311
- संस्कृत शिक्षा के स्कूल - 4
- जिले में कुल स्कूलों में आइसीटी लैब- 163 स्कूलों में
- जिले में कुल कम्प्यूटर- 1870 स्कूल
- जिले में 77 स्कूलों में 864 कम्प्यूटर प्रक्रियाधीन है।
- 75 स्कूलों में विधायकों की अनुशंसा के बाद कम्प्यूटर स्थापित किए जाएंगे।

सुरक्षा के लिए संस्थाप्रधान होंगे जिम्मेदार-
तीसरे चरण की सभी लैब में बीमा कंपनी से ही बीमा है। प्रथम, द्वितीय व चौथे व पांचवे चरण की लैब में बीमा करवाने के लिए सभी संस्थाप्रधानों को पाबंद कर दिया है, लैब में सुरक्षा की जिम्मेदारी समस्त संस्थाप्रधानों की है।
प्रेमचन्द सोनी, एडीपीसी, रमसा, माध्यमिक शिक्षा झालावाड़।

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