
Electoral bugle: It is also hinged with the Khanpur assembly, complete
रघुराज सिंह हाड़ा - कांगेस दावेदार
- खानपुर समेत बकानी कस्बे बड़े अस्पतालों में जांच समेत डॉक्टरों की तैनाती करवाना
- गांव -ढाणियों को डामरीकरण सड़कों से जोड़ना
- अकावद एवं कालीसिंध बांध डूब क्षेत्र किसानों को मुआवजा दिलवाना
- बकानी में महाविद्यालय खोलना , खानपुर कस्बे में महाविद्यालय के लिए भवन एवं व्याख्याताओं की नियुक्ति करवाना
- ग्राम पंचायत स्तर के विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करवाना
- सारोला , पनवाड़ , दहीखेड़ा , हरिगढ़ , रटलाई कस्बों के पीएचसी पर महिला डॉक्टर लगवाना
- किसानों को फसलों का उचित दाम दिलवाना , फसलों के भण्डार निकटवर्ती केंद्रों पर व्यवस्था करवाना
दावेदारी की वजह - रघुराज सिंह हाड़ा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए किया है । कृषि अर्थशास्त्री होने के नाते हमेशा किसान हित में आंदोलनों में सक्रिय रहे । 1985 में कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष रहे ।1991-93 तक जिला कांग्रेस किसान अध्यक्ष पद पर रहे । 1994 -2000 तक पीसीसी सदस्य रहे ।2005 से 2011 तक जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर कार्य किया । रघुराज हाडा खानपुर विधानसभा की ग्राम पंचायत गोविन्दपुरा के मालीपुरा गांव निवासी है ।
अनुसुईया नागर-भाजपा से
प्राथमिकताएं-
- खानपुर कस्बे के चिकित्सालय में बेड़ों की संख्या में इजाफा करवाना।
-कस्बे के सौंन्दर्यीकरण के प्रयास किए जाएंगे।
- खराब रोडों की हालत सही की जाएंगी।
- किसानों की खराब, व उचित मूल्य दिलाने की ओर ध्यान दिया जाएगा।
- पूरे विधानसभा में किसानों के फसलों के कट्टे अफीम पट्टो को दिलवाने का प्रयास किया जाएगा।
ये दावेदारी की वजह-
नागर अभी अखिल भारतीय धाकड़ महासभा महिला इकाई की प्रदेशाध्यक्ष व भाजपा महिला इकाई प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य है। नागर २००२-०३ में राजकीय कन्या महाविद्यालय से छात्रासंघ अध्यक्ष रह चुकी है तथा दुर्गावाहिनी की जिला संयोजक सहित कई पदों पर रह चुकी है। उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। खानपुर विधानसभा क्षेत्र धाकड़ बाहुल्य क्षेत्र है। ऐसे में यहां से अनुसुईया नागर महिला के रुप में दावेदारी जता रही है। पार्टी के सर्वें अनुसार जिताऊ,टीकाऊ व युवा दावेदार के रुप में वह अपने आप को फीट मान रही है।
यह भी ठोक रहे ताल
- दिग्विजय सिंह सोजपुर
यह है दावेदारी की वजह-
सोजपुर निवासी दिग्विजय सिंह के पिता पृथ्वीसिंह १९८० से ८५ तक विधायक रहे हैं,१९६१ से ७७ तक प्रधान रहे हैं, दो बार निर्विरोध सरपंच रहे है। दिग्विजय सिंह २०१० में निर्विरोध जनपद रहे हैं,२०१४ तक कांग्रेस जिला महासचिव रहे हैं।
-शिवराजसिंह गुर्जर-
यह है दावेदारी की वजह-
गुर्जर खानपुर निवासी है, २०१२से २०१७ तक खानपुर मंडी चेयरमैन रह चुके हैं। गहलोत सरकार में २० सूत्री आयोजना समिति के सदस्य रह चुके हैं, वर्तमान में २० वर्ष से जिला कांग्रेस महामंत्री पद है।
- सूरतराम गुर्जर-
यह है दावेदारी की वजह-
यह १९९० से १९९५ तक एनएसयूआई के इकाई अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर रहे। झालरापाटन कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, कृषि उपजमंंडी भवानीमंडी में डायरेक्टर के पद भी रहे हैं। वर्तमान में गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष है।
- चन्द्रसेन मीणा
यह है दावेदारी की वजह-
मीणा इंजीनियर पेशे हैं, १९९७ में कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं,२००९-१४ तक जिा परिषद सदस्य रहे हैं। मीणा क्षेत्र के सिमलखेड़ी निवासी है।
Published on:
13 Oct 2018 05:54 pm
