
धनतेरस से पहले बुधवार को पुष्य नक्षत्र पर बाजार हुए गुलजार
झालावाड़.धनतेरस इसबार 5 नवम्बर को मनाई जाएगी। इससे पहले इस बार 31 अक्टूबर को बाजार में धनलक्ष्मी की वर्षा होगी। इस दिन बुध पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। जो खरीददारी के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह से लेकर रात तक खरीददारी की जा सकती है। यह योग तीस साल बाद बन रहा है, इसलिए इस संयोग के कारण इस दिन का महत्व भी धनतेरस की तरह ही बताया जा रहा है। इस योग के आने से झालरापाटन, झालावाड़ सहित जिले के कई कस्बों में तैयारियां शुरू हो गई है। इसदिन के लिए व्यापारियों ने अतिरिक्त माल भी मंगवा लिया है। पुष्य नक्षत्र को धनतेरस की तरह स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसी दिन अष्टमी होने से अहोई अष्टमी माता की पूजा भी की जाती है।
30 तीस साल बना ऐसा योग-
बुध पुष्य नक्षत्र योग करीब 30 साल बाद बना है। पं. विनोद शर्मा श्रीराम ने बताया कि 30 वर्ष बाद यह योग बन रहा है। वर्तमान में गोचर में शुक्र तुला राशि में स्वग्रही है जो अत्यंत लाभदायक है। इसी दिन साध्य योग है ओर राजयोग सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक है। इस दिन कोई नया काम, नया व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा आभूषण खरीदारी, इलेक्ट्रोनिक्स आइटम, फर्नीचर, आदि खरीदना शुभ होता है। इसी दिन शाम को गुरू प्रधान,मीन लग्न शाम 6 बजकर 20 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक है, जो कि स्थिर प्रकृति का वृष लग्न है। इससे खरीदारी का श्रेष्ठ योग बन रहा है।
नक्षत्रों में राजा है पुष्य नक्षत्र-
जानकारों के अनुसार 27 नक्षत्र है। इसमें पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र आने के कारण इसे बुध पुष्य नक्षत्र कहा जाता है। इस दिन पुष्य नक्षत्र के देवता देव गुरू बृहस्पति है। यह नक्षत्र शनि की दिशा को दर्शाता है। शनि स्थिरता के द्योतक है, इसलिए पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्य चिर स्थायी होते हैं। पुष्य नक्षत्र का योग सभी प्रकार के दोषों को हरने वाला, शुभ फलदायी, चिर स्थायी और समृद्धिकारक भी माना गया जाता है।
पुष्य नक्षत्र इस बार 23 घंटे रहेगा मालवा योग
सुनेल.दीपावली से पूर्व खरीदारी के इस बार कई शुभ संयोग बन रहे है इस बार बुध पुष्य नक्षत्र के साथ मालवा योग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र बुधवार को अलसुबह आरंभ हो जाएगा, जो देर रात तक रहेगा। दो दिन चलने वाले इस योग को पुष्य नक्षत्र के साथ मालवा योग माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस योग में की गई खरीदारी चिरस्थायी रहती है। इनमें हीरे के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल, जमीन, मकान, कपड़े व अन्य सामान आदि की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पं. सोहनलाल जोशी ने बताया कि 27 नक्षत्रों में 8वां स्थान पुष्य नक्षत्र को प्राप्त है। इस बार 30 अक्टूबर को सुबह 5:15 बजे से गुरूवार सुबह 4 बजे तक, यानि करीब 23 घंटे पुष्य नक्षत्र का योग रहेगा। वहीं इस दिन सप्तमी तिथि के साथ पुष्य नक्षत्र की युति हो रही है, साथ ही कई दिनों से अस्त शुक्र तारा उदय हो रहा है चूंकि शुक्र को ऐश्वर्य का कारक माना जाता है, इसलिए बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र का पडऩा हर तरह की वस्तु खरीदने के लिए शुभ फलदायी साबित होगा। फर्नीचर समेत रसोई में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं खरीदने से परिवार में सुख-समृद्वि बढ़ेगी।
Updated on:
30 Oct 2018 07:41 pm
Published on:
30 Oct 2018 07:41 pm
