
कामखेड़ा दर्शन को पदयात्री रवाना
अकलेरा. कामखेड़ा बालाजी के लिए नई बस्ती से रवाना हुए पैदल यात्रियों का कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैलाश मीना ने अभिनंदन किया। पारस जैन जिलाध्यक्ष, कैलाश कारपेंटर जिलाध्यक्ष जांगिड़ ब्राह्मण महासभा, कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष चौथमल मीना, सरपंच रामबिलास मीणा, अजहर, हेमराज राठौर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सारोलाकलां. खंडी नवयुवक मंडल की ओर से खंडी से कामखेड़ा पदयात्रा शुरू की। इससे पहले पदयात्रियों ने गणेश मंदिर पर पूजा की। इसके बाद भाजपा नेता सत्तु नागर ने पदयात्रियों को कामखेड़ा के लिए रवाना किया। पदयात्री राजू मीणा, नरेश नागर, औकारनागर, जगदीश सुमन की अगुवाई 31 महिलाएं समेत 150 पदयात्री रवाना हुए। इसमें हनुमानजी का स्वांग किए एक जना आकर्षण का केंद्र रहा। मालनवासा तिराहे पर पहुंचने पर पदयात्रियों का स्वागत किया। इसके अलावा कलमंडा व बारां दीलोद से मुरारी राठौर की अगुवाई पदयात्रा शुरू हुई।
भंडारा शुरू
सारोलाकलां. कस्बे के अस्पताल तिराहे पर रविवार को भंडारे का शुभारम्भ किया। यहां कामखेड़ा व बाबारामदेव जाने वाले पदयात्रियों के लिए भोजन, नाश्ते व ठहरने की व्यवस्था है।
सोजपुर. कस्बे के समीपवर्ती गांव खंडी से रविवार को सैकड़ों महिला-पुरुषों के साथ पैदल यात्रियों का जत्था कामखेड़ा के लिए रवाना हुआ। प्रहलाद मेरोठ ने बताया कि भजनों पर नृत्य करते हुए ग्रामीणों का जत्था रवाना हुआ।
यज्ञ किया
सुनेल. कस्बे स्थित गायत्री मंदिर में रविवार को यज्ञ हुआ। भागीरथ वर्मा, राधेश्याम नागर, बलवीर सिंह मंडलोई, युसूफ अली, शाखा अध्यक्ष शिवनारायण गुप्ता, प्रकाशचंद गुप्ता ने विधि विधान के साथ यज्ञ किया।
सजा श्याम का हिंडोला
सावन मास प्रारम्भ होते ही विभिन्न मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो गए हंै। कस्बे के मंगलेश्वर महादेव मंदिर, त्र्यबकेश्वर महादेव मंदिर, नीलकेठश्वर महादेव, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं ने जल, दूध,दही से अभिषेक किया जा रहा हंै। रात्रि में महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन हो रहे हैं। प्राचीन ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर, धाकड़ समाज के लक्ष्मीनारायण मंदिर, मुरलीधर मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान व रात्रि में महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन किए जा रहे हैं। धाकड़ समाज के लक्ष्मीनारायण मंदिर में झूले में भगवान की प्रतिमा को विराजमान किया, जो आकर्षण का केन्द्र रही।
पूजन के बाद भंडारा
भवानीमंडी. कोटा सिद्देश्वर आश्रम के मौनी बाबा की याद में रविवार को पचपहाड़ माता मंदिर परिसर में संत पूजन व भण्डारे का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे साधु-संतों का बैण्डबाजों के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला। समिति के सदस्य गिरधरगोपाल शर्मा ने बताया कि भण्डारे का आयोजन कालवा स्थान संत बालकदास, तीनधार रामलाल, झालरापाटन इन्द्रनाथ, बिहार के सुदामा दास, केशवराय पाटन विशम्भर दास त्यागी सहित ५१ अन्य संतों के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम से पूर्व पहुंचे सभी संतों का पूजन किया।
निस्वार्थ भक्ति से प्रसन्न होते भगवान
सुनेल. कस्बे के त्र्यबकेश्वर महादेव मंदिर में चल रही नानीबाई का मायरा की कथा के तीसरे दिन कथा वाचक इन्द्ररमल नागर ने कहा कि भगवान को प्रसन्न करने के लिए धन की नहीं बल्कि निस्र्वथ प्रेम व भक्ति की जरूरत है। नृसिंह ने धर्म के लिए धन के मोह का त्याग कर दिया।
Published on:
06 Aug 2018 05:00 pm
