मंडी सूनी, सड़क किनारे बिक रही सब्जियां

प्रशासन की कार्रवाई का भी असर नहीं : यातायात में व्यवधान के चलते लोग हो रहे परेशान

By: arun tripathi

Published: 03 Mar 2019, 04:06 PM IST

अकलेरा. नगरपालिका और पुलिस प्रशासन ने कई प्रयास किए, लेकिन कस्बे की सब्जी मंडी और फल सहित अन्य ठेले वाले बाजार में जमे रहने से यातायात प्रभावित हो राह है। सम्पूर्ण कस्बे में सब्जी विक्रेता व ठेले वालों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है। ऐसे में बाजारों में चारों तरफ आवागमन में वाहन चालकों के अतिरिक्त राहगीरों को भी परेशानी होती है। गत दिनों भी नगरपालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में सब्जी बेचने वालों व ठेले वालों को हटाया था। उन्हें सब्जी मंडी में बैठने के लिए समझाया, लेकिन वे रोड पर ही जमे हैं।
ये होती है परेशानी
तीनबत्ती चौराहे से लेकर मनोहरथाना रोड तक ठेलों और सब्जी विक्रेताओं बैठे रहते हैं। हाइवे पर सीबीआई बैंक के समीप बस स्टैंड के आस पास गलियों, तीन बत्ती चौराहा सहित अन्य स्थानों पर सब्जी विक्रेता खड़े देखे जा सकते हैं।
करोड़ों रुपए हुए खर्च
कस्बे में छप्पन लाख कॉलोनी में करीब सात साल पहले करोड़ों रुपयों की लागत से सब्जी मंडी का निर्माण किया, इसमे यहां चार दीवारी शौचालय और बैठने के लिए सीमेंट से चबूतरे का निर्माण, छायादार टीन शेड, पानी और विद्युत सहित अन्य सुविधा का उपलब्ध कराई, लेकिन सुविधा दम तोड़ रही है। चार दीवारी क्षतिग्रस्त है। अंदर परिसर में धूल के गुब्बार उड़ते हंै। शौचालय आदि कबाड़ होने की हालत में हैं। गन्दगी बनी रहती है। यहां गिनती के ही दुकानदार सब्जी की दुकान लगाते हैं।
मंडी परिसर से हटाया साटियां परिवारों को
मंडी में कब्जा जमाए बैठे साटिया समाज के लोगों को नगरपालिका ने हटा दिया। और साफ सफाई कर ताला लगा दिया है, लेकिन यहां से हटाए परिवार अब उपखण्ड कार्यालय के बाहर और मंडी से सटी कॉलोनी में डेरा डाले हुए हैं। इसके कारण कॉलोनी वासी भी परेशान हैं। वे शाम को शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करते हैं।

बनने के 6 माह बाद ही दिखने लगे गड्ढे
झालरापाटन. अकलेरा मार्ग पर मुक्तिधाम के पास करोड़ों रुपए की लागत से चंद्रभागा नदी पर बनाई हाइलेवल पुलिया पर बनने के 6 माह बाद ही गड्ढे दिखनेे लगे हैं।
अकलेरा मार्ग पर चंद्रभागा नदी पर पुरानी रियासतकालीन पुलिया व रपट होने से बरसात के मौसम में कई बार चंद्रभागा नदी के पानी के तेज बहाव के कारण यह मार्ग घंटों तक अवरूद्ध होता था। लोगों की परेशानी को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। इसका 18 सितंबर 2017 को शिलान्यास हुआ। 140 मीटर लंबी इस पुलिया में 10-10 मीटर के 10 मौके हैं। जिनकी ऊंचाई 6 मीटर है, इसके साथ ही यहां एनीकट का भी निर्माण कराया है। पुल के निर्माण में कथित घटिया सामग्री का उपयोग होने से बनने के 6 माह बाद ही इस पुलिया पर जगह जगह गड्ढे होने लगे हैं। इससे गिट्टी सीमेंट के साथ ही सरिए भी बाहर निकल आए हैं। इस पुल पर भोपाल, इंदौर, मुंबई, दिल्ली सहित मार्गों पर आने जाने वाले भारी वाहनों की दिनभर रेलमपेल रहती है।

औचक निरीक्षण में 9 में से 3 अध्यापक ही मिले
डग/चौमहला. पंचायत समिति क्षेत्र में विकास अधिकारी सविता राठौड़ ने स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान राउउप्रावि बंजारों का खेड़ा में कई अध्यापक हाजिरी लगाने के बावजूद नदारद मिले। विकास अधिकारी ने बताया कि स्कूल में 9 अध्यापक हैं, इनमे से एक अध्यापक पूर्व में एपीओ हो चुका है। बाकी 8 अध्यापकों में से 5 अध्यापक हाजिरी लगा कर चले गये। मौके पर 3 मौजूद मिले। मौजूद अध्यापक भी मोबाइल चलाने में व्यस्त दिखे, स्कूल के छात्र-छात्राएं बाहर घूम रहे थे। इस पर फटकार लगाई। वहीं निरीक्षण के दौरान आक्या गहलोत विद्यालय में जलदीप सिंह बीएलओ के पास फॉर्म नहीं मिले। इस दौरान विकास अधिकारी ने कुंडला, रनायरा, कौलवी, चौमहला, झिकडिय़ा, रावनगुराड़ी, पाडलिया सहित कई विद्यालय में निरीक्षण किया। नदारद अध्यापकों और अन्य खामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व सैनिकों के लिए शिविर आज से
झालावाड़. पूर्व सैनिकों की समस्याओ के समाधान के लिए सैनिक विश्राम गृह में 4 से 10 मार्च तक शिविर होगा। विश्राम गृह के प्रभारी हवलदार कैलाशचंद धाकड़ ने बताया कि यूनिट प्रथम नागा बटालियन की ओर से आयोजित इस शिविर में पूर्व सैनिकों की जनसुनवाई भी होगी।

arun tripathi Desk
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