आठों कॉलेजों में आयुक्तालय की टीम को मिली कई कमियां

आठों कॉलेजों में आयुक्तालय की टीम को मिली कई कमियां
आठों कॉलेजों में आयुक्तालय की टीम को मिली कई कमियां

Hari Singh Gujar | Updated: 22 Feb 2019, 11:37:15 AM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

-कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी उठा चुके थे कॉलेजों का मुद्दा
- जिले के कॉलेजों में स्टाफ की खासी है कमी

 


झालावाड़.कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गत दिनों जिले में हुई महासभा में भी कॉलेज में स्टाफ सहित कई कमियों का मुद्दा उठा चुके है। वहीं हाल ही में कॉलेज आयुक्तालय की टीम को भी निरीक्षण के दौरान महाविद्यालयों में कई कमियां मिली है। ऐसे में अब कांगे्रस के सामने जो महाविद्यालय में मिली कमियों को दूर करने की चुनौती है। हालांकि कांग्रेस ने अपने 100 दिवसीय कार्य योजना में इसे शामिल किया है। ऐसे में एक उम्मीद की किरण नजर आती है,वहीं यह समस्या वर्षों पुरानी है,झालावाड़ से पूर्व सीएम का गृह क्षेत्र होने के बाद भी महाविद्यालय में पर्याप्त व्याख्याता सहित अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई थी। उस समय भी आयुक्तालय से कई टीमों ने निरीक्षण किए थे, अब देखना होगा कि सरकार बदलने के बाद महाविद्यालय में क्या सुधार होता है।

कांग्रेस ने100 दिवसीय कार्ययोजना में शामिल किया-
हालांकि कांगे्रस सरकार ने अच्छी पहल करते हुए महाविद्यालय में होने वाली समस्याओं व स्टाफ आदि की कमी को पूरा करने के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना में शामिल किया है। लेकिन यह परेशानी 100 दिन में तो पूरी नहीं हो सकती है, लेकिन राज्य के सभी महाविद्यालयों में जो कमियां है,उहें पूरा करने के लिए प्रयास तो किया ही जा सकता है, नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा सकता है ताकि अगले वर्ष तक महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ मिल सके।


राहुल गांधी ने भी उठाया था मुद्दा-
जिले के महाविद्यालयों की दशा पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चुनाव पूर्व हुई आमसभा में भी पर्याप्त स्टाफ सहित कमियां नहीं होने की बात उठाई थी। अब राज्य में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला है, अब जो कमियां बताई है उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार पर है। ऐसे में आयुक्तालय की टीम के सामने जिले के पीजी महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय, मनोहरथाना, पिड़ावा, खानपुर, भवानीमंडी,चौमहला आदि में कई कमियां सामने आई है।

ये है प्रमुख कमियां जो सामने आई-
- आठों महाविद्यालयों में स्थाई प्राचार्य का पद रिक्त है जिसे भरा जाएं।
- पुस्तकालयाध्यक्ष के पद रिक्त, छह महाविद्यालय में पुस्तकालय कक्ष का अभाव।
-सभी महाविद्यालयों 65 फीसदी व्याख्याताओं व मंत्रालयिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी, जिसे पूरी की जाएं।
-खानपुर महाविद्यालय के लिए भूमि आवंटन व भवन निर्माण नहीं हुआ है।
-राजकीय महाविद्यालय चौमहला यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं होने से बजट नहीं मिल पा रहा है, अभी स्कूल भवन में संचालित हो रहा है।
- महाविद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टीविटी की परेशानी।
-मनोहरथाना महाविद्यालय भी स्कूल भवन में ही चल रहा है।
-कन्या व पीजी महाविद्यालयों में फर्नीचर की कमी, तो नए खुले महाविद्यालय में बिलकुल फर्नीचर नहीं होने से व्याख्याताओं को परेशानी आ रही है।
-नए खुले महाविद्यालयों में पेयजल सहित शौचालय आदि की सुविधाएं नहीं।

यह बोले अधिकारी-
1.आयुक्तालय की ओर से कमियां जानने के लिए भेजा गया है, जो भी कमियां मिली है। जाकर उच्चाधिकारियों को बताएंगे,वह सरकार के समक्ष रखेंगे। इसतरह जो परेशानियां उन्हे दूर करने का प्रयास कियाजाएगा।
डॉ. रश्मि वर्मा, समन्वयक, कॉलेज आयुक्तालय टीम,जयपुर।
2. महाविद्यालय स्टाफ सहित कई प्रकार की कमियां है, हमने खिलकर टीम को दे दिया है, अब सरकार के स्तर का काम है। पहले भी सूचना भेजी गई है।
बीसी मीणा, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय पीजी महाविद्यालय,झालावाड़।

report by - HARI SINGH GURJAR

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned