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एमटी-4 ने नौलाव में आकर किया शिकार, ग्रामीणों ने हल्ला कर भगाई

-दहशत में गांव, शहर के करीब पहुंच रहे टाईगर
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MT-4 hunt in Naavas, villagers attacked and attacked

एमटी-4 ने नौलाव में आकर किया शिकार, ग्रामीणों ने हल्ला कर भगाई

एमटी-4 ने नौलाव में आकर किया शिकार, ग्रामीणों ने हल्ला कर भगाई
-दहशत में गांव, शहर के करीब पहुंच रहे टाईगर
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. शुक्रवार सुबह करीब सात बजे गागरोन वन नाके से करीब पांच किलोमीटर नौलाव के कच्चे रास्ते पर खेतों में बाघिन द्वारा मारी गई बछड़ी के निकट करीब आधा दर्जन लोग दहशत में खड़े नजर आए। पत्रिका संवाददाता जितेंद्र जैकी के पूछने पर वहां खड़े एक युवक विष्णु प्रसाद भील ने आगे आकर बताया कि अजी साहब रात में करीब साढ़े 11 बजे बाद शैरनी ने तो रास्ते से बाड़ के ऊपर से छंलाग लगा कर केड्डी दबोच ली। मैने उनकी तरफ टार्च की लाईट डाली व लाठिय़ा लेकर जोर से चिल्लाकर आसपास खेत वालों इकठ्ठा किया। सबने मिलकर हल्ला किया जिससे बाघिन गागरोन की ओर भाग गई। उन्होने तुरंत वन विभाग की चौकी पर फोन किया। कुछ देर में ही वन विभाग की तीन गाडिय़ों में टीम आ गई। उन्होने वहां मृत बछड़ी के निकट एक पेड़ पर केमरा लगाया व ग्रामीणों से गांव में चले जाने की चेतावनी दी। टीम को ग्रामीणों ने पगमार्क भी दिखाए।
-दर्जनों परिवार दहशत में
जिस जगह बछड़ी का शिकार हुआ उसके आसपास करीब दो दर्जन से अधिक किसान खेतों में टापरियां बना कर रह रहे है। इनके पास पालतु पशु गाय, भेंस, बकरियां, मुर्गे-मुर्गिंयां है। यह किसान अपने परिवार के साथ रह रहे है। छोटे बच्चें व महिलाओं के बीच शुक्रवार सुबह से ही दहशत का माहौल नजर आया। ग्रामीणों ने बताया कि रातभर से चिंता के कारण सब जग रहे है। अभी तो उनके शिकार पालतु पशु है लेकिन कभी भी वह इंसानों पर हमला कर सकते है।
- क्षेत्र में खुले आम घुम रहे टाईगर
गागरोन वन क्षेत्र में इन दिनो खुले आम बाघ व बाघिन स्वच्छंद विचरण कर रहे है। वही क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक गांव बसे है जिन्हे विस्थापित भी नही किया गया। खतरनाक जंगली जानवरों के बीच मजबूरी में रह रहे ग्रामीण दहशत में है। उन्हे रातदिन अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
-शहर के करीब आते टाईगर
झालावाड़ से मात्र पांच किलोमीटर दूर स्थित गागरोन वन क्षेत्र में सुरक्षा के लिए मात्र नौलाव की पहाड़ी से लक्ष्मीपुरा का क्षेत्र है। लेकिन इससे पहले क्षेत्र में कोई सुरक्षा नही है। मात्र गागरोन पर वनविभाग की चौकी बनाई हुई व रास्ते पर बेरियर लगा रखा है। इन दिनो एमटी-4 इस खुले क्षेत्र में विचरण कर रही है। यह खुला क्षेत्र झालावाड़ के फौजलपुरिया के सामने आहू नदी के पार पड़ता है। झालावाड़ शहर व इस खुले पड़े क्षेत्र के बीच मात्र आहू नदी है। गर्मी में तो नदी सूख जाती है इससे कोई भी आसानी से नदी में से होकर मात्र पांच किलोमीटर की दूरी तय कर झालावाड़ शहर में प्रवेश कर सकता है।
-जोड़ा विपरित दिशा में है
क्षेत्र में एमटी-3 बाघ व एमटी-4 बाघिन स्वच्छंद वितरण कर रहे है। क्षेत्र में गागरोन वन नाके के आगे नौलाव से दो रास्ते बनते है। एक रास्ता पहाड़ी के पार मशालपुरा की ओर है। यहां एमटी-3 का मुवमेंट की सूचना है वहीं पहाड़ी के इस पार एमटी-4 का मुवमेंट चल रहा है। गुरुवार रात इस पार ही एमटी-4 द्वारा बछड़ी का शिकार किया गया है। दोनो के बीच में पहाड़ी है व दोनो वितरित दिशा में विचरण कर रहे है। दोनो ओर ग्रामीणों की बस्ती है। इस पार ग्रामीणों के खेत है जिसमें वह फसल व सब्जियां आदि की देखभाल के लिए टापरियां बना कर रह रहे है। वही दूसरी ओर गांव बसा है। यहां भी लोग रहते है। दोनो जगह खतरे से खाली नही है। ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर यहां रह रहे है।
-बछड़ी का हुआ शिकार
इस सम्बंध में गागरोन वन क्षेत्र के क्षैत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र विजय का कहना है कि गांव नौलाव के निकट गुरुवार देर रात सूचना पर विभाग की टीम पहुंची थी। वहां एमटी-4 ने खुले वन क्षेत्र में बछड़़ी का शिकार किया था। हमने वहां केमरा फिट कर दिया व पगमार्ग उठा लिए है। गांव वालों को रात में घर से बाहर नही निकलने के लिए पाबंद किया है। एमटी-3 मशालपुरा वन क्षेत्र में विचरण कर रहा है।