
Now, in the electoral year, people on government land will continue t
गोविन्द शर्मा
झालावाड़. सरकार अब चुनावी साल में सरकारी भूमि पर निवास कर रहे लोगों को पट्टों की रेवडिय़ां बांंटेंगी। बरसों से सरकारी बंजर भूूमि (सिवाचयक) पर मकान बनाकर रह रहे लोगों को मालिकाना हक देने की तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे लोगों को सरकार लाभ देने के साथ शीघ्र पट्टे जारी करेगी। इस संबंध में पंचायतीराज विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेश में सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रहने वाले लोगों का सर्वे कर पट्टे जारी करने के निर्देश दिए हैं। आदेश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने सर्वे क ी कार्रवाई शुरू कर दी है। चुनावी साल में जाकर सरकार ने आवासीय भू-खंड व आवासीय मकान नहीं होने वाले परिवारों की ओर से सरकारी भूमि पर वर्षो से मकान बनाकर रह रहे लोगों को उनके मकानों के पट्टे देने का मन बनाया है । इसके लिए सरकार ने राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के 165 की पालना करते हुए ग्राम पंचायतों को सर्वे व नियमन करने के बाद पट्टे जारी करने के आदेश दिए हैं।
यह होगा नियम
सरकारी बंजर भूमि ( सिवाचयक) पर 1 जनवरी 2017 को कम से कम 3 वर्ष अथवा इससे अधिक की अवधि से पूर्व सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रहे हो। उनको अपना प्र्रमाण देना होगा । इसके लिए उनको भूमि पर तीन साल तक रहने का प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पहचान पत्र, आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, बिजली-पानी व टेलीफोन आदि के बिल प्रस्तुत होंगे।
सर्वे शुरू, भेजेंगे रिपोर्ट
सरकारी बंजर भूमि (सिवाचयक) पर मक ान बनाकर रहे लोगों को एक माह की अवधि मेें पट्टे देने के लिए हल्का पटवारी व ग्राम विकास अधिकारी ( ग्राम सेवक) द्वारा भूमि पर बने मकान का सर्वे किया जाएगा। सर्वे करने में पात्र लोगों का चयन करने की जिम्मेदारी पटवारी व ग्राम विकास अधिकारी की होगी।
ऐसे होगा पट्टा जारी
सरकारी बंजर भूमि पर वर्षो से मकान बनाकर रह रहे परिवारों को पट्टे जारी करने के लिए ग्राम विकास अधिकारी ( ग्राम सेवक) एवं पटवारी द्वारा मकानों का संयुक्त सर्वे सात दिवस में करना होगा। इसके बाद तहसीलदार द्वारा उक्त सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सेटअपार्ट का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित उपखंड अधिकारी को तीन दिवस में भिजवाया जाएगा। सेटअपार्ट की गई भूमि का तहसीलदार द्वारा राजस्व रिक ार्ड में आबादी भूमि के रूप में ग्राम पंचायत के नाम दर्ज कर, जमाबंदी की प्रति संबंधित विकास अधिकारी व पंचायत समिति को दो दिवस में भेजी जाएगी । इसमें ग्राम पंचायत की ओर से राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 165 (4) की कार्यवाही कर 15 दिवस में पट्टे जारी किए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में पट्टे जारी करने का नगर परिषद व नगर पालिका करेंगी, हमारा काम जगह का नाप करना हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पट्टे जारी करने का काम ग्राम पंचायत करेंगी।
योगेश कुमार अग्रवाल, तहसीलदार, झालरापाटन
Updated on:
06 Jul 2018 01:05 pm
Published on:
06 Jul 2018 01:04 pm
