कहीं पेड़ों पर लटके हैं तो कहीं सड़कों पर सड़ रहे संतरे

निचले स्तर पर संतरा भाव : एक से पांच रुपए किलो मिल रहे, लागत नहीं निकलने से खेतों में तोड़ भी नहीं रहे किसान

 

 

 

By: jagdish paraliya

Updated: 22 Dec 2020, 11:04 AM IST

चंद्रेश शर्मा भवानीमंडी (झालावाड़) . क्षेत्र में सर्दी के संतरा फल के भाव इस सीजन में अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए है। ये न्यूनतम मात्र एक रुपए से पांच रुपए प्रति किलो और अधिकतम आठ से दस रुपए प्रति किलो तक है। संतरा फल की तुड़ाई भी महंगी पडऩे से कई किसानों ने संतरा फलों को पेड़ों पर ही छोड़ देने में भलाई समझी है। वहीं मंडी में कोई खरीदार नहीं मिलता है तो वहीं छोड़ जाते हैं जिनमें मवेशी मुंह मारते रहते हैं। एक पेड़ पर अधिकतम २५ मण यानी दस क्विंटल तक संतरा निकलता है, जिससे निचले भाव 4 रुपए प्रति किलो भी जोड़ तो मुश्किल से सात से आठ हजार रुपए की आय हो रही है।

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जिससे संतरा फल के कुल लागत खर्चे और तुड़ाई के बराबर भी आय नहीं हो रही है। संतरा फल व्यापारियों गब्बर ने बताया कि एक तो इस साल एक अन्य प्रतिस्पद्र्धी संतरा मंडी नागपुर में सर्दी की फसल जोरदार है। इस पर भवानीमंडी क्ष़ेत्र के खपत इलाकों में तेज सर्दी पड़ रही है, जिससे यहां के संतरा फलों की मांग एकदम कमजोर पड़ गई है। संतरा के भाव 4 से 8 रुपए प्रति किलो रह गए है, जबकि गोली आकार के संतरा फलों का तो कोई लेवाल ही नहीं रहा है। ऐसे फलों को किसानों को मंडी तक लाने का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा है। गुराडिय़ा जोगा गांव निवासी हड़मत सिह व गोपाल पाटीदार ने बताया कि करीब ५ बीघा में संतरे का बगीचा लगा हुआ है। भाव नहीं मिलने से तोड़ा तक नहीं गया है। इसकी तुड़ाई के बाद भी मंडी तक ले जाने का खर्च भी नहीं मिल पा रहा है।

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कोरोना का भी पड़ा संतरे पर असर
संतरा मंडी में लगातार दूसरी संतरे की फसल पर भी असर दिखाई दिया गया है। पूर्व में भी सरकार के द्वारा लॉक डाउन लगा देने की वजह से व्यापारियों का संतरा मंडी में माल पड़ा रहा गया था। कहीं किसानों का माल खेतों में ही रह गया। व्यापारी अलताफ चौधरी नीटू ने बताया कि मंडी में व्यापारीयों के द्वारा माल तो खरीद लिया गया पर उसका परिवहन नहीं कर पाए माल यहीं पर ही सड़ गया। सर्दी के संतरे का भी यही कोरोना का असर दिखाई दे रहा है। व्यापारी फरीद अहमद चौधरी जुगनू ने बताया कि कोरोना की वजह से व्यापारी माल खरीदने के लिए भवानीमंडी में नहीं पहुंचे, कई जगह रात को कफ्र्यू की वजह से माल वहीं पर ही रह जाता है। संतरा कच्चा माल होने की वजह से खराब हो जाता है।

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