
शोपीस बन रह गई ई-मित्र प्लस मशीनें
सुनेल. आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों को एक ही छत के नीचे कई तरह की सरकारी और निजी सेवा मिले, इस उद्देश्य से पूर्व सरकार की ओर से शुरू की गई ई-मित्र प्लस पहल के तहत कई विभागों में आई मशीनें नकारा साबित हो रही हैं।
इन मशीनों को अधिकंाश जगह इंस्टॉल किया, लेकिन सर्वर की समस्या से काम नहीं कर पा रही हंै। कुछ जगह तो मशीनों को
इंस्टॉल भी नहीं किया। सरकारी कार्यालय में इन मशीन के शुरू होने से लोंगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
ऐसे काम करती मशीन
ई-मित्र प्लस के माध्यम से आमजन ई-मित्र कियोस्क से मिलने वाली सुविधाएं प्राप्त कर सकता हंै। इसके लिए एसएसओ आईडी बनानी पड़ती है। आईडी कियोस्क ऑपरेटर की होती है। इसे सुबह ऑन व शाम को ऑफ करना पड़ता है। कोई भी उपभोक्ता कार्य से संबंधित कागजात के साथ ई-मित्र प्लस कियोस्क मशीन की बोर्ड के माध्यम से कार्य का चयन कर पंजीयन करना होता है। उपभोक्ता की ओर संबंधित कागजात के साथ ई-मित्र प्लस कियोस्क मशीन की बोर्ड के माध्यम से कार्य का चयन कर पंजीयन करना होता है। उपभोक्ता की ओर से ली जाने वाली सुविधा का शुल्क केस रिसेप्टर व कार्ड स्वाइप कर होता है। भुगतान करने के बाद लेजर प्रिंटर से रसीद भी मिलती है।
कौन-कौनसे काम होते मशीन से
लोगों को मशीन से जमाबंदी की नकल, जन्म-मृत्यु, जाति, मूल निवास प्रमाण-पत्र का प्रिंट, बिजली, पानी के बिल जमा करना सहित तमाम तरह की सरकारी व निजी सेवाएं आधुनिक तकनीकी के माध्यम से देने के लिए राज्य सरकार ने ई-मित्र प्लस का उद्घाटन पिछले वर्ष किया था। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों व राज्य सरकार के सभी विभागों में मशीनों को भेजा है।
सभी तरह के बिल जमा
मशीनों के माध्यम से बिजली, पानी, गैस, पोस्टपेड मोबाइल सहित सभी तरह के बिल जमा करा सकेंगे। इनकी इलेक्ट्रॉनिक रसीद हाथों-हाथ मिलती है, उपभोक्ता को अपने कनेक्शन का नंबर डालना होता है। बिल राशि का पेमेंट वह एटीएम की तरह कार्ड से भी होता है। एटीएम की डिपोजिट मशीन की तरह कैश डालकर भी बिल जमा होते हंै। इसी के साथ ही मशीन पर सभी तरह के प्रमाण-पत्र भी प्रिंट होते हैं। इसके लिए मशीन में विशेष प्रिंटर भी इंस्टॉल किया है। इसमें मिलने वाली सेवाओं का चार्ज १० से ५० रुपए तक रहता है।
वैसे तो मशीनों को ऑपरेट ई-मित्र संचालक की ओर से किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह पर नेटवर्क की समस्या के चलते मशीनें काम नहीं कर पा रही है, शेष रही कुछ मशीनों को भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
मुकेश, सूचना सहायक, सूचना और प्रौद्योगिकी अधिकारी सुनेल
Published on:
13 Mar 2019 11:34 am
