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अब झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में बेशर्म प्रोफेसर: छात्रा का आरोप, देर रात 11-12 बजे फोन करते हैं

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में बेशर्म प्रोफेसर का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में बेशर्म प्रोफेसर का मामला सामने आया है।

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/झालावाड़। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में बेशर्म प्रोफेसर का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में बेशर्म प्रोफेसर का मामला सामने आया है। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एक पीजी रेजीडेंट छात्रा ने जयपुर मेडिकल एजुकेशन के प्रमुख सचिव को शिकायत कर एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ दुव्यर्वहार का आरोप लगाया है। उसने बताया कि 2020 में ज्वॉइनिंग लेने के बाद से ही प्रोफेसर उसे परेशान कर रहा है। प्राचार्य, यूनिट हेड आदि को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की जांच कॉलेज की महिला उत्पीडन निवारण समिति से भी करवाई। इसमें प्रोफेसर द्वारा पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की बात सामने आई, लेकिन इसमें लैंगिक उत्पीडन नहीं होने की बात कहते हुए आरोपी को क्लीन चिट दे दी।

प्रमुख सचिव तक पहुंचा मामला:
मेडिकल छात्रा को झालावाड़ मेडिकल के उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद भी राहत नहीं मिली तो आखिर उसने पूरे मामले की शिकायत 23 जनवरी को जयपुर मेडिकल एजुकेशन के प्रमुख सचिव को की है।

यह भी पढ़ें : बेशर्म प्रोफेसर ने पहले परीक्षा में छात्रा को फेल कर दिया, फिर पास करने के लिए बनाया शारीरिक संबंध का दबाव

एक रेजिडेंट ने शिकायत दी है, इसकी जांच तो आ गई है। अभी देखी नहीं है, देखकर बताता हूं, उसमें क्या है। अगर दोषी होगा तो बिल्कुल कार्रवाई करेंगे।
डॉ. शिवभगवान शर्मा, डीन, मेडिकल कॉलेज, झालावाड़

मैंने किसी को प्रताड़ित नहीं किया। कॉलेज में सभी बच्चों को किसी भी बात के लिए सामूहिक रूप से कहते हैं। अलग से बुलाकर किसी से कोई बात नहीं की। जो भी आरोप है सब झूठे है। शिकायतें बेबुनियाद है। महिलाओं की पूरी कमेटी ने जांच कर ली, उन्होंने क्लीन चिट दे दी।
डॉ.अकील हुसैन, सहायक आचार्य, मेडिकल कॉलेज, झालावाड़

यह है आरोप:
छात्रा का कहना है कि ज्वॉइनिंग लेने के कुछ दिनों बाद ही एसोसिएट प्रोफेसर अकील हुसैन देर रात 11-12 बजे उसे फोन करते और उसकी तारीफ करते। प्रोफेसर ने उनका मोबाइल नंबर किसी और नाम से सेव करने का दबाव बनाया। उनकी बात नहीं मानी व फोन रिसीव करना बंद कर दिया तो प्रोफेसर ने परीक्षा में फेल करने की धमकी दी और 7 महीने तक ओटी में काम नहीं करने दिया।