ऐसा क्या हुआ की झालावाड़ में 16 महिलाओं की कर दी हत्या

प्रदेश की मुखिया महिला है, महिला अधिकारियों की भी कमी नहीं हैं, लेकिन महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों में कमी नहीं आ रही है।

By: Hari Singh gujar

Published: 11 Dec 2017, 04:45 PM IST

झालावाड़. प्रदेश की मुखिया महिला है, बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि भी है और महिला अधिकारियों की भी कमी नहीं हैं, लेकिन महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों में कमी नहीं आ रही है। जिले में एक सप्ताह में नाबालिग बालिकाओं के साथ चार मामले ऐसे हुए है, जिस किसी ने भी सुना हर किसी का दिल दहला दिया है। एक मामले में तो पिता जैसे पवित्र रिश्ते पर भी दाग लग गया है। पिछले दो वषज़् में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के पुलिस के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले के विभिन्न पुलिस थानों में जनवरी 0216 से नवंबर 2017 तक दहेज के लिए हत्या करना, महिलाओं को आत्महत्या के लिए उकसाना, दहेज के लिए परेशान करना, दुष्कमज़्, नाबालिग एवं बालिग के अपहरण जैसे 1694 मामले दजज़् हो चुके हैं। यह महिला सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।

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दुष्कमज़् के मामलेे बढ़े

जिले में दो वषज़् में 191 मामले दुष्कमज़् के दजज़् हुए है। इनमें से 102 मामले 2016 के तथा 89 मामले नवंबर 2017 तक के हैं। हालांकि अभी तक वषज़् समाप्त होने में एक माह शेष है। ऐसे आंकड़ा गतवषज़् के बराबर पहुंच जाएगा। वहीं बालिकाओं व महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के दो वषज़् में करीब 420 मामले दजज़् हो चुके हैं।


दहेज भी कम नहीं
दहेज देना एवं दहेज लेना भले ही कानूनी अपराध है, लेकिन शादी के बाद दहेज के लिए परेशान करने के जिले में सवाज़्धिक मामले दजज़् हुए है। दहेज अत्याचार के सबसे ज्यादा 641 मामले दजज़् हुए है।

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अपहरण के मामले भी बढ़े जिले में

जिले में बालिकाओं व महिलाओं के अपहरण के मामले भी बढ़ रहे हैं। अभी तक दो वषज़् में अपहरण के 287 मामले दजज़् हुए है। इनमें से कई मामलों में करीब 50 फीसदी मामलो में चालान पेश हुए तो कई में एफआर लग चुकी है।


दहेज के लिए 16 महिलाओं की हत्या
कहा जाता है कि दुल्हन ही दहेज है लेकिन लोभी व लालची मनुष्य अपने आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। जिले के विभिन्न थानों में पिछले दो वषज़् में 16 महिलाओं को दहेज के लिए मौत के घाट उतार दिया। इनमें से वषज़् 2016 में 6, वषज़् 2017 में 10 महिलाओं को उनके ससुराल वालों ने दहेज के लिए हत्या कर दी।

जिले में एक सप्ताह के चार चर्चित मामले
केस 1
26 नवंबर को खानपुर में एक 12 वषीज़्य बालिका को जन्मदिन के बहाने बुलाकर एक युवक ने अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। पुलिस ने भी परिवार को मामला दजज़् करने की बजाए दुत्कार दिया।
केस 2
28 नवंबर को डग कस्बे के निकट दोबड़ा रोड पर एक खेत के पास नाबालिक के साथ दुष्कमज़् कर हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस ने आरोपित को दबोच कर जेल भेज दिया।
केस 3
1 दिसंबर को एक सात वषीज़्य बालिका को उसके ही पिता ने अपनी हैवानित का शिकार बना लिया। इस संबंध में आंगनबाड़ी कायज़्कताज़् की जागरुकता से मामला समाने आया और आरोपित को जेल भेज दिया।
केस 4
3 दिसंबर को शहर के सांईनाथ पुरम कॉलानी से दो नाबालिग बालिकाओं को मजदूरी व मेले के बहाने एकांत में ले जाकर दो युवाओं ने दुष्कमज़् किया गया। गया बाद में अस्पताल में छोड़ गए।

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1.जिले में जो अभी चार केस हुए है। इस मामले में विभाग ने तुरंत कारज़्वाई कर अनुसंधान अधिकारी नियुक्त किए। प्रकरण दजज़् कर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा। बालिका कहां जा रही है, कहां से आ रही है, कोचिंग स्कूल से आने का क्या समय आदि। उसके व्यवहार में परिवज़्न आ रहा है। तो इसका भी ध्यान रखें।
आनंद शमा, एसपी, झालावाड़
2.बड़ी बालिकाओं को समझा सकते हैं लेकिन छोटी बालिकाओं को वीडियो क्लिप आदि दिखाकर समझाना चाहिए। छोटे बच्चे यह समझते है कि जैसे मम्मी-पापा प्यार करते हैं,ऐसे ही सभी लोग प्यार करते हैं, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है। ऐसे में अभिभावकों को बातों के दौरान ही बच्चों को समझाना चाहिए।
डॉ. रेखा भदौरिया, प्रोफेसर, राजकीय पीजी महाविद्यालय,झालावाड़
& अभी दुष्कमज़् के मामले बढ़ रहे है, इस संबंध में समाजशास्त्रियों व सामाजिक कायज़्कताओज़्ं के माध्यम स्कूलों व कॉलेजों में सप्ताहिक जागरूकता के लिए कायज़्क्रम आयोजित किए जाएं। स्कूलों में पीटीआई या महिला शिक्षिका बच्चों को ऐसे घटनाओं के बारे में बचाव के लिए जागरूक करें।
नेहा सोलंकी, महिला परामशज़्दाता,महिला सुरक्षा केन्द्र, महिला थाना,झालावाड़

Hari Singh gujar
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