
Women quote: - If the garlic does not bent, they will not enter the vi
झालावाड़.महिला किसानों का दु:ख शुक्रवार को सामने आ गया। भारतीय किसान संघ के बेनर तले महिलाओं ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाकर मिनी सचिवालय के सामने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाएं हाथ में भारतीय किसान संघ की झंड़ी व लहसुन से बनी मालाएं हाथ में लेकर प्रदर्शन कर रही थी।
महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि सालभर छोटे बच्चों की तरह फसलों की सार-संभाल करते हैं। लेकिन देश के नेताओं व दलालों के कारण धरतीपुत्रों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल पाता है। भातीय किसान संघ झालरापाटन तहसील प्रमुख नीतू लोधा ने कहा कि यह सांकेतिक धरना सरकार को जगाने के लिए मातृशक्ति का चेतावनी प्रदर्शन है। सरकार जब तक हमारी मांगे नहीं मानती है। लहसुन नहीं तोल लेती है या भावांतर राशि किसानों के खातो में नहीं डाल देती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राजनेता किसानों के धम पर आराम कर रहे हैं, इनका जीना ***** कर देंगे चुनाव के समय गांवों में घूसने नहीं देंगे। एक सप्ताह में कोई समाधान नहीं होता है तो। 11 से 13 जुलाई तक संभाग की सभी तहसील मुख्यालयों पर हमारे युवा किसान भाई प्रदर्शन करेंगे।
सरकार आपणों लसन नहीं तोले तो आपण कांई करेंगा,बोले-
सभा में महिला किसान इन्द्राबाई घुंघट में बोली सरकार आपणों लसन नहीं तोलेगी तो आपण सब कांई करेंगां, महिलाओं की भीड़ बोलो रोड जांम करेंगा। रूकमणी बाई बोली लसण बकबो जरुरी है, सरकार म्हाकां लसण ने बेकार मान रही तो कसाणा का खातां में पिस्या लाख दें, नी तो कईं तो करणो पडेंगो। म्हांको तो फूरो घर लसण सूं भर्यो और दलालां को तो लसण फैंला ही तुल ग्यो। किसान की बेटी कविता दांगी ने कहा कि दलालों व नेताओं ने जयपुर जाकर सैटिंग कर ली है उनका लहसुन तुल गया है, लेकिन हमारा लहसुन अभी तक नहीं तुला है। अभी हमारे छोटे भाई बहिनों की कॉलेज, स्कूलों की फीस जमा करानी है। किसानों की इस समय हालत खराब हो रही है। सरकार से एक ही मांग है किसानों का लहसुन तुले।
अन्नभंडार भरेंगे-कीमत पूरी लेंगे-
प्रदर्शन में मौजूद विद्या देवी आनंदा, विष्णु बाई, सीताबाई, अयोध्याबाई, डाली बाई गीता, चन्द्रकला,दरियाव बाई, कौशल्या बाई, सुलोचना बाई आदि ने संबोधित किया। सभा में मौजूद महिलाओं ने 'देश के अन्नभंडार भरेंगे, लेकिन कीमत पूरी लेंगेÓधरती पुत्र करें पुकार,सुन लें भाजपा सरकार जैसे नारे लगाते हुए सैंकड़ों महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद महिलाएं हाथ में लहसुन की माला लेकर मिनी सचिवालय पहुंची जहां मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ये है तीन प्रमुख मांगे-
- पंजीकृत किसानों का लहसुन, चना, सरसों खरीदा जावें।
-खरीद चालू करने में असमर्थ रहने पर लहसुन का 2300, चने का 1000, सरसों का 500 रुपए प्रतिक्विंटल के हिसाब से भावांतर किसाना के खाते में डाला जाएं।
-जिले के खरीद केन्द्र बकानी पर चने में व रायपुर व बकानी में लहुसन के क्रम तोड़कर हुई खरीद की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं।
Published on:
07 Jul 2018 12:20 pm
