
Workers do not get jobs, it is difficult to run home
खानपुर. कस्बे केे सैकड़ों मनरेगा श्रमिकों ने शुक्रवार को पंचायत मे पहुंचकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। बाद में प्रधान कक्ष पर ताला लगा होने पर प्रधान गायत्री चन्द्रावत के खिलाफ भी प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
नरेगा श्रमिकों ने बताया कि पंचायत समिति द्वारा इस वित्तीय वर्ष में उन्हें केवल 14 दिन का रोजगार दिया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा खानपुर में मुख्यमंत्री के आने के दौरान 13 दिन के लिए मस्टरोल जारी कर बंद कर दी। इसको लेकर श्रमिकों द्वारा पंचायत समिति में जाने पर बताया कि बजट समाप्त हो गया है। ऐसे में कस्बे के सैंकड़ों श्रमिक मजदूरी के अभाव में नाकारा बैठे हुए हैं। ग्राम पंचायत के मेट राजाराम कुमावत, बृजमोहन सुमन, मधुसूदन, दीपा सुमन, मनभर गुर्जर ने बताया कि सरकार द्वारा एक जोबकार्ड पर 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। कस्बे में 40 श्रमिकों पर एक मेट कार्यरत है तथा 2 हजार जोबकार्ड धारी है तथा 900 मजदूरों द्वारा रोजगार के लिए आवेदन किया गया है। इसके बाद भी उन्हें रोजगार नहीं दिया जा रहा है। श्रमिकों द्वारा पहले समस्या को लेकर ग्राम पंचायत मे जाने पर पंचायत सचिव गोरधनलाल शर्मा ने उनके साथ अभद्रता कर वहां से भगा दिया। बाद में पंचायत समिति में जाने पर विकास अधिकारी गौतम गायवकवाड़ भी अवकाश पर मिले। जब ममाले की शिकायत करने प्रधान के पास गए तो प्रधान कक्ष पर ताला लटका हुआ मिला। ऐेसे मे नरेगा श्रमिकों ने प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्रमिकों की समस्या का कहीं भी समाधान नहीं होने पर सभी श्रमिक 9 से 12 बजे तक पंचायत समिति में डटे रहे। बाद में सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी डॉ. भास्कर विश्नोई ने पंचायत समिति में पहुंचकर श्रमिकों की समस्याएं सुनकर उनकी समस्या का शीघ्र समाधान देने के आश्वासन के बाद श्रमिक वहां से चले गए।
तौल कांटे बढ़ाने की मांग, किसानों ने किया प्रदर्शन
बकानी. कस्बे में भारतीय किसान संघ के आह्वान पर किसानों ने लहसुन तुलाई में कांटे बढ़ाने की मांग को लेकर उपतहसील कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार ओमप्रकाश दाधीच को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले किसान संघ की बैठक हुई जिसमें लगभग 25 गांवों के किसानों ने भाग लिया। बैठक के बाद सभी किसान रैली के रूप में उपतहसील कार्यालय पहुंचे और यहां प्रदर्शन किया। किसानों की मांगे हैं कि सरकारी लहसुन तुलाई केन्द्र पर कांटे बढ़ाए जाए, बड़ाय उपस्वास्थ्य केन्द्र पिछले माह से बन्द पड़ा हैं जिसको चालू किया जाए, सहकारी गोदाम के लिए ग्राम पंचायत द्वारा भूमि आवंटन किया जाए, नेऊखेड़ी के श्मशान घाट के रास्ते पर हो रहे अतिक्रमणों को हटाया जाए तथा नानौर ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा किसानों से जितना प्रीमियम लिया उतनी राशि किसानों को दी जाए। ज्ञापन देने वालों में भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष मनोहर सिंह चौहान, तहसील मंत्री नानूराम लोधा, रामदयाल श्रंगी, रामप्रसाद प्रजापति, श्रीकिशन भील, रोडुलाल दांगी, मांगीलाल गुर्जर, रामप्रसाद दांगी सहित कई किसान शामिल थे।
Published on:
02 Jun 2018 11:46 am
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