
Wife Left Laborer Husband: अब तेरा-मेरा कोई जोड़ नहीं...अफसर बनते ही मजदूर पति को छोड़ गई पत्नी, युवक ने बताई लव मैरिज की दर्दभरी दास्तां
Wife Left Laborer Husband: उत्तर प्रदेश में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पेशे से शिक्षक युवती को पांच साल पहले एक मजदूर से प्यार हो गया। ढाई साल तक रिलेशन में रहने के बाद दोनों ने मंदिर में जाकर शादी कर ली। इसके बाद युवक ने पत्नी को पढ़ाने के लिए दिनरात मेहनत की। इसके बाद जब पत्नी सरकारी अफसर बनी तो मजदूर पति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हालांकि यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी। पत्नी ने मजदूर पति को यह कहते हुए छोड़ दिया कि अब तेरा-मेरा कोई जोड़ नहीं है। इसके बाद से पीड़ित पति अफसरों के चक्कर काट रहा है। इसके साथ ही वह पत्नी से घर लौट आने की मिन्नतें भी कर रहा है। मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का है।
पीड़ित पति झांसी जिले की शहर कोतवाली क्षेत्र के बाहर बाबा का अटा निवासी नीरज विश्वकर्मा है। नीरज तीन भाई हैं। जिनमें वह सबसे छोटा है। नीरज विश्वकर्मा ने बताया "मैं कारपेंटर का काम करता हूं। करीब 5 साल पहले झांसी के सत्यम कॉलोनी निवासी रिचा सोनी से मेरी मुलाकात हुई थी। हम दोनों एक दोस्त के घर पर मिले थे। इसके बाद हम दोनों में बातचीत शुरू हुई। यह बातचीत कब प्यार में बदली, पता नहीं चला।
हमने ढाई साल पहले ओरछा मंदिर में जाकर शादी की। इसके बाद हम रिचा को पत्नी बनाकर अपने घर ले आए। शादी के बाद रिचा ने आगे पढने की इच्छा जताई। इसपर रिचा को पढ़ाने के लिए मैं मजदूरी करने लगा। जब रिचा का सरकारी नौकरी लेखपाल में चयन हो गया तो फिर उसके रुख बदल गए। लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह उसे छोड़कर चली गई। तबसे लेकर अब तक वह लौटकर घर नहीं आई।"
नीरज ने आगे बताया "मैं 18 जनवरी से परेशान हूं। मेरी पत्नी रिचा अब लेखपाल बन गई है। वह इसलिए मुझे छोड़कर चली गई हैं, क्योंकि मैं मजदूरी करता हूं। पत्नी के इस अप्रत्याशित बदले व्यवहार से मैं दर-दर भटक रहा हूं। मैं अपनी पत्नी के लिए हर जगह जा चुका हूं, लेकिन पत्नी नहीं मिल रही है। बुधवार को मुझे पता चला कि कलेक्ट्रेट में लेखपालों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। इसपर मैं पत्नी की झलक पाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचा। कलेक्ट्रेट में उसे खोजने के लिए हर जगह देखा, लेकिन वह नहीं मिली। वह नियुक्ति पत्र लेकर चली गई। मैने इनके लिए हर कुछ किया।"
नीरज ने बताया "बात आज से 5-6 साल पहले की है। जब रिचा सोनी छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। इस दौरान मेरी रिचा सोनी से मेरे दोस्त के घर पर मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात दोस्ती में बदल गई। करीब छह महीने बाद यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई यह उसे भी पता नहीं चला। प्यार होने के बाद दोनों अपनी मर्जी से ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली। शादी करने के बाद दोनों हंसी-खुशी से रहते थे। इसके बाद उनका कुछ विवाद हुआ था, जिस कारण वह मायके चली गई थी। फैमिली कोर्ट में उसने सेक्शन 9 दायर कर उसे अपने घर बुलाया था।
जनवरी महीने में रिचा का लेखपाल पद पर चयन हो गया। लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह 18 जनवरी को उसे छोड़कर चली गई। इसके बाद उससे मुलाकात नहीं की। एक बार कोतवाली में मिली थी तब यह कहने लगी कि एसडीएम के पास जाओ ओर शपथ पत्र देकर आओ कि कोई शादी नही हुई है। हम कैसे कह दें कि हमारी शादी नही हुई है।" वहीं दूसरी ओर रिचा सोनी का कहना है कि उसने नीरज के साथ शादी ही नहीं की। उसने कहा कि यह उसे बदनाम करने की साजिश है। नीरज से हमारा कोई संबंध नहीं है।
Updated on:
11 Jul 2024 05:35 pm
Published on:
11 Jul 2024 05:06 pm
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