
(फोटो- पत्रिका नेटवर्क)
Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों पर शहीद सुरेंद्र कुमार के परिवार के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। डोटासरा ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों की शहादत को छिपाने और उनके परिवारों को सम्मान व सहायता न देने के लिए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पांच सवाल पूछे, जिनमें शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों को उचित सहायता न देने की बात प्रमुखता से उठाई गई।
डोटासरा ने कहा कि झुंझुनूं के मेहरादासी गांव के शहीद सार्जेंट सुरेंद्र कुमार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान की। लेकिन केंद्र सरकार ने न तो उनकी शहादत को युद्ध के दौरान दुश्मन की गोलीबारी से जोड़ा और न ही उन्हें 'बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट' प्रदान किया।
इसके साथ ही, राजस्थान की बीजेपी सरकार ने भी शहीद के परिवार को मात्र 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी, जबकि हरियाणा सरकार ने अपने शहीद दिनेश कुमार के परिवार को 4 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की। डोटासरा ने इसे शहीद के परिवार के साथ सौतेला व्यवहार करार दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से शहीद सुरेंद्र का परिवार सम्मान और सहायता की मांग कर रहा है, लेकिन राजस्थान सरकार ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। दूसरी ओर, हरियाणा सरकार ने अपने शहीद के परिवार को न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनका सम्मान भी सुनिश्चित किया। यह अंतर स्पष्ट करता है कि राजस्थान की बीजेपी सरकार शहीदों के प्रति कितनी असंवेदनशील है।
डोटासरा ने केंद्र सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में दावा किया था कि इस ऑपरेशन में कोई नुकसान नहीं हुआ, जबकि सच्चाई यह है कि शहीद सुरेंद्र सहित 9 जवानों ने अपनी जान गंवाई। डोटासरा ने इसे शहीदों की शहादत का अपमान बताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 140 करोड़ जनता को अंधेरे में रखा और बार-बार झूठ बोला। यह देश के लिए शर्मनाक है।
पहला, रक्षा मंत्री ने संसद में झूठ बोलकर जनता को क्यों गुमराह किया?
दूसरा, अब तक शहीदों की शहादत को क्यों छिपाया गया?
तीसरा, देश के लिए कुर्बानी देने वाले जवानों को सम्मान क्यों नहीं दिया गया?
चौथा, राजस्थान सरकार ने शहीद के परिवार को नौकरी और पर्याप्त आर्थिक सहायता अब तक क्यों नहीं दी?
पांचवां, क्या बीजेपी सेना के शौर्य और शहादत में भी राजनीति ढूंढती है?
इस दौरान डोटासरा ने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार शहीदों के परिवारों को उचित सम्मान और सहायता प्रदान करे। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना हर सरकार का कर्तव्य है और इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें, बुधवार, 13 अगस्त 2025 को भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अपनी पत्नी सरिता सिंह के साथ झुंझुनूं के मेहरादासी गांव में शहीद सुरेंद्र कुमार के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने शहीद की मां, पत्नी और बच्चों से बातचीत की और उनके बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मुलाकात की जानकारी वायुसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया पर साझा की और शहीद के परिवार को सम्मान दिलाने का भरोसा जताया।
Updated on:
14 Aug 2025 04:17 pm
Published on:
14 Aug 2025 04:17 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
