
Bodyguard of Rashtrapati Bhavan
गुढ़ागौडज़ी (झुंझुनूं).
जयपुर एक्सिस बैंक में 925 करोड़ रुपए की डकैती एक पुलिस कांस्टेबल की बहादुरी से बच सकी थी। अब एक ऐसी ही घटना झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौडज़ी स्थित यूको बैंक में सामने आई है। यहां पर एक ग्रामीण की सजगता से वारदात टल गई। जयपुर और गुढ़ागौडज़ी की वारदात के बाद सुरक्षाकर्मी की खासी चर्चा है। जयपुर की घटना में बैंक में तैनात सुरक्षाकर्मी कांस्टेबल सीताराम की बहादुरी के चर्चे हैं तो गुढ़ागौडज़ी की वारदात को अंजाम देने में राष्ट्रपति भवन में तैनात सुरक्षाकर्मी (बॉडीगार्ड) का नाम सामने आया है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
-गुढ़ागौडज़ी के बस स्टैण्ड के पास अलारखा कॉम्पलेक्स में यूको बैंक की शाखा है।
-शुक्रवार रात 1.38 बजे बैंक शाखा के पड़़ोसी गजेन्द्र सिंह शेखावात को बैंक की तरफ से कुछ आवाज सुनाई दी।
-गजेन्द्र सिंह को किसी अनहोनी की आशंका होने पर वह पास स्थित पुलिस थाने में गया और सूचना दी।
-सूचना पाकर पुलिस गजेन्द्र को साथ लेकर मौके पर पहुंची। अब तीन युवक बैंक की तिजोरी तक पहुंच चुके थे।
-आरोपितों ने रॉड से बैंक के शटर, चैनल गेट व शीशे के गेट के ताले तोड़ लिए थे।
-वारदात में किशोरपुरा गांव का निवासी संदीप उर्फ निटू, संजय सिंह उर्फ संजू, विकास मीणा, गुढ़ागौडज़ी निवासी शक्ति सिंह राजपूत शामिल है।
-पुलिस ने वहां से विकास मीणा को दबोच लिया। जबकि अन्य तीन आरोपित कार लेकर भाग गए।
-तीनों आरोपित किशोरपुरा की पहाड़ी पर स्थित भैरूजी के मन्दिर में जाकर छिप गए।
-जहां से बाद में पुलिस ने घेराबंदी करके इनको भी गिरफ्तार कर लिया।
-आरोपितों में में संदीप उर्फ निटू दिल्ली में राष्ट्रपति अंगरक्षक दल (बॉडीगार्ड) का सदस्य है।
-सभी आरोपितों को दूसरे दिन रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
दिल्ली नम्बर की कार भी जब्त
गुढ़ागौडज़ी थानाधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि वारदात में काम ली गई एक कार भी जब्त की गई है। यह कार बॉडीगार्ड संदीप की है। इसी में आरोपित सवार होकर बैंक लूटने पहुंचे थे।
उसी रात लौटना था संदीप को
जानकारी के अनुसार संदीप कुमार इस दिन की छुट्टी पर घर आया हुआ था। शुक्रवार रात को वह छुट्टी पूरी करके दिल्ली लौट रहा था। रास्ते में वारदात को अंजाम देते पकड़ा गया।
पैसों को आपस में बांटने की थी योजना
गिरफ्तारी के बाद थानाधिकारी अशोक चौधरी ने बॉडीगार्ड से पूछताछ कि तो उसने खुलासा किया बैंक लूटने की योजना तीन दिन पहले बनी थी। फिर रैकी की गई और शुक्रवार रात को वारदात को अंजाम देना चाहा। बैंकों से लूटे जाने वाले रुपयों को आपस में बांटकर प्रोपर्टी में निवेश करने की योजना बनाई थी।
45 हजार रुपए महीना तनख्वाह
गांव किशोरपुरा का संदीप सिंह वर्ष 2009 में राष्ट्रपति के अंगरक्षक दल में भर्ती हुआ था। उसे वहां पर 45 हजार रुपए तनख्वाह मिलती है। रहने व खाने की कोई समस्या नहीं है। उसका पिता नरेन्द्र सिंह भी राष्ट्रपति के अंगरक्षक दल में रहे हैं। पुलिस को उसके पर्स में संदीप का वर्दी में फोटो मिला है।
इनका कहना है...
आरोपित संदीप सिंह राष्ट्रपति का गार्ड है या नहीं। छुट्टी का दिन होने के कारण अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। हालांकि स्वयं ने पूछताछ में राष्ट्रपति भवन में तैनात अंगरक्षक दल का सदस्य बताया है। इसकी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-मनीष अग्रवाल, एसपी झुंझुनूं
Updated on:
11 Feb 2018 01:02 pm
Published on:
11 Feb 2018 01:01 pm
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