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झुंझुनूं. प्रदेश में एक तरफ जहां पर शराब बंदी की आवाजें उठ रही है वहीं जिले में आबकारी विभाग में मासिक बंधी के खेल के चक्कर में जिले में अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है।हालत यह है कि गांव-ढाणियों में शराब की छोटी-छोटी ब्रांचे खुल गई हैं। जिससे मोटी कमाई अधिकारियों की जेबों में पहुंच रही है। जिले में गली-मोहल्लों में अवैध शराब दुकानें खुलने की बाढ़ सी आ गई है। जिले की बात करें तो जितनी वैध दुकानें संचालित है, उससे चार गुना अधिक अवैध दुकानें संचालित हो रही है। जिन पर सुबह से लेकर शाम तक बैखोफ अवैध तरीके से शराब की सप्लाई की जा रही है।
अधिकारियों को होता दोहरा मुनाफा
सूत्रों की माने तो इसके पीछे विभाग को राजस्व की चिन्ता कारण बताया जा रहा है।विभाग शराब विक्रेताओं को माह के टारगेट देता है, टारगेट पूरा नहीं होने पर भारी पेनल्टी का प्रावधान है। इसको देखते हुए दुकानदार अवैध ब्रांचे खोलकर बिक्री करवाते हैं। इससे एक तरफ पेनल्टी बचती है, वहीं टारगेट भी पूरे हो जाते हैं। यह सौदा संचालक व विभाग के लिए इसलिए मुनाफे का साबित होता है। इसके लिए अधिकारियों की ओर से प्रति ब्रांच मंथली अलग से वसूली की जाती है।
दूसरे राज्यों से आने वाली शराब पर कार्रवाई
नियमानुसार गली-मोहल्लों में अवैध तरीके से शराब बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग अधिकृत है। लेकिन बंधी के चक्कर में अधिकारी ऐसा नहीं करते।हालांकि विभाग के राजस्व को बॉर्डर पार से आने वाली हरियाणा की शराब प्रभावित करने के कारण कभी-कभार कार्रवाई की जाती है।
होम डिलेवरी की सुविधा
अधिकारियों की मिलीभगत कर कुछ ठेका संचालकों की ओर से शराब की होम डिलेवरी भी की जाने लगी है।इसके अलावा हाइवे स्थित अधिकांश होटलों में ग्राहकों को अवैध तरीके से शराब परोसने का काम जारी है।जहां पर देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है।होटल संचालकों को अच्छी कमाई होने से धंधा रास आने लग गया है।
Published on:
02 Dec 2018 10:53 am
