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राजस्थान: पंचायत और निकाय चुनावों में भी मिले ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण, पात्रता शर्तों में सुधार की मांग

Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत राज एवं निकाय चुनाव में ईडब्ल्यूएस को भी 10 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण दिए जाने की मांग उठी है।

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Rajasthan Panchayat-Nikay Election-1

राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव। पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan Panchayat Election 2026: झुंझुनूं. पंचायत राज एवं निकाय चुनावों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को भी 10 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण दिए जाने की मांग उठी है। साथ ही केंद्र सरकार से ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वर्तमान पात्रता शर्तों में बदलाव कर राजस्थान मॉडल को पूरे देश में लागू करने की मांग की गई। यह मांग ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने उठाई। सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में लागू किया गया 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए ऐतिहासिक निर्णय था। लेकिन मौजूदा पात्रता शर्तों के कारण वास्तविक जरूरतमंद परिवार इसका पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

5 एकड़ कृषि भूमि की सीमा व्यवहारिक नहीं

उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग की सीमित भागीदारी इस बात का संकेत है कि वर्तमान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। भूमि संबंधी शर्तों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 5 एकड़ कृषि भूमि की सीमा वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में व्यवहारिक नहीं है। बढ़ती कृषि लागत और सीमित आय के बावजूद कई किसान परिवार केवल भूमि स्वामित्व के आधार पर ईडब्ल्यूएस श्रेणी से बाहर हो जाते हैं।

राठौड़ ने आवास संबंधी पात्रता शर्तों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रावधान संयुक्त परिवार व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। कई युवा केवल पात्रता बनाए रखने के लिए अलग निवास करने को मजबूर हो रहे हैं, जो सामाजिक दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की आरक्षण नीतियों में असंगति का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कई समुदाय राज्य स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल हैं, जबकि केंद्र स्तर पर सामान्य वर्ग में होने के कारण वे ईडब्ल्यूएस आरक्षण का भी समुचित लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

राजस्थान मॉडल को देशभर में लागू करने की मांग

मंच प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान में पूर्व में लागू ईडब्ल्यूएस मॉडल में भूमि और आवास संबंधी शर्तों में राहत देकर अधिक पात्र लोगों को लाभ पहुंचाया गया था। इसी प्रकार की व्यवहारिक नीति राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जानी चाहिए। यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण में कई खामियां हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके।

इस दौरान पितराम काला, शौकत अली कर्नल, कैलाश लिखवा, सुरेंद्र सिंह बडाऊ, तेजपाल सिंह टाई, सुरेंद्र सिंह डाबड़ी, रणजीत चंदेलिया, अजय सिंह बगड़, रामपाल सिंह, प्रवीण सिंह, प्रमेंद्र सिंह जयपहाड़ी, खालिद हुसैन, राजेन्द्र सिंह भाटी, सुरेंद्र सिंह नरुका और कुलदीप भाटी समेत अनेक लोग मौजूद रहे।