
झुंझुनूं। चिकित्सकों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। हड़ताल से पहले शुक्रवार देर रात कोतवाली, सदर व मंड्रेला पुलिस ने दबिश देकर पांच चिकित्सकों को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हालांकि बाद में जमानत पर सभी को रिहा कर दिया गया।
मरीजों ने पीएमओ कक्ष के बाहर नारेबाजी करते हुए किया विरोध प्रदर्शन
शनिवार को गिरफ्तारी का विरोध जताते हुए जिलेभर के चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। सुबह राजकीय बीडीके अस्पताल स्थित पीएमओ कक्ष में मीटिंग की। इधर, चिकित्सकों के अचानक कार्य बहिष्कार की घोषणा से परेशान मरीजों ने पीएमओ कक्ष के बाहर हाथों में परामर्श पर्ची को लहराते हुए नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पीएमओ कक्ष के अन्दर घुसकर कार्य बहिष्कार करने का विरोध जताया
प्रदर्शन कर रहे मरीजों का कहना था कि चिकित्सकों की हड़ताल से मरीज परेशान हैं। उन्होंने परामर्श पर्ची का शुल्क वापस करने की बात भी कही। गुस्साए कुछ लोगों ने पीएमओ कक्ष के अन्दर घुसकर कार्य बहिष्कार करने का विरोध जताया। लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बैठक में मौजूद चिकित्सक एक-एककर घरों के लिए रवाना हो गए।
गिरफ्तारी के विरोध में चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार कर जताया विरोध
सेवारत चिकित्सक संघ के प्रवक्ता डॉ. कैलाश राहर ने कहा कि सरकार गिरफ्तारी कर चिकित्सकों पर दबाव बनाना चाहती है। जिसे की बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार से जिलेभर के चिकित्सक हड़ताल का निर्णय यथावत रहेगा।
पूर्व में की थी हड़ताल
33 सूत्रीय मांगों को लेकर चिकित्सक पूर्व में सात दिन हड़ताल पर रहे थे। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बिगड़ गई थी। हालांकि सरकार व सेवारत चिकित्सक संघ के प्रतिनिधि मण्डल के बीच वार्ता के बाद चिकित्सक काम पर लौट आए।हालांकि बाद में वार्ता के दौरान मांगों को लागू नहीं करने की बात को लेकर चिकित्सक आउटडोर के बाहर टेंट लगाकर परामर्श दे रहे थे।
Published on:
17 Dec 2017 08:16 am
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