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नियमों की पेचीदगी के कारण किसान नहीं बेच रहे मूंग व मूंगफली

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Farmers are not selling mung and peanuts due to complications of rules

नियमों की पेचीदगी के कारण किसान नहीं बेच रहे मूंग व मूंगफली

झुंझुनूं. राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंग व मूंगफली की खरीद की घोषणा तो कर दी। परंतु जिले के किसान समर्थन मूल्य पर इसे बेचने में रूचि नहीं ले रहे हैं। इस का कारण है कठिन नियम व शर्तें।
मूंग का समर्थन मूल्य ६ हजार ९५० रुपए प्रति क्विंटल व मूंगफली का ४ हजार ८९० रुपए प्रति क्विंटल पचास रुपए बोनस सहित तय किया गया है। मूंगफली को छोड़कर मूंग का समर्थन मूल्य बाजार भाव से ज्यादा मिल रहा है। बावजूद इसके कम भाव में बाजार में अपना मूंग बेच रहे हैं। मूंगफली को भी समर्थन मूल्य पर बेचने में किसान ज्यादा रूचि नहीं ले रहे हैं। हालांकि मूंगफली का बाजार में शुक्रवार को ४८०० रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भाव रहे। इसमें रूचि नहीं लेने के पर किसानों की मानें तो नियमों की पेचिदगियों के कारण किसान कतरा रहे हैं। क्योंकि समर्थन मूल्य पर विक्रय के लिए ऑनलाइन पंजीयन जरूरी है। वहीं, उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियांं की ओर से कई निर्देश जारी किए गए हैं। उप रजिस्ट्रार संजीव कुमार ने बताते हैं कि किसान की ओर से अपनी उपज का विक्रय करने के लिए ऑनलाइन पंजीयन करवाना जरूरी है। वहीं मूंग/मूंगफली बुआई का रकबा खसरा गिरदावरी में अंकों व शब्दों में अंकित होना आवश्यक है। इसके अलावा ऐसे कई नियम हैं जिसके कारण किसान अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहते हैं। इसके चलते ज्यादा केंद्रों पर औसत दो-चार किसान अनाज बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
सात केंद्रों पर खरीद शुरू
जिले के सात केंद्रों पर मूंग व मूंगफली की खरीद शुरू कर दी गई है। जिले के साथ केंद्र झुंझुनूं, गुढ़ागौडज़ी, उदयपुरवाटी, नवलगढ़, डूंडलोद, चिड़ावा व सूरजगढ़ कृषि उपज मंडी में खरीद केंद्र बनाया गया है। इन सभी केंद्रों पर दो-चार किसानों ने ही अपना समर्थन मूल्य पर मूंग व मूंगफली बेचा है। जिले में यह खरीद 11 अक्टूबर शुरू की गई है।
मूंगफली की खरीद यहां
सातों कृषि उपज मंडियों में मूंग समर्थन मूल्य पर बेचा जा सकता है। वहीं, मूंगफली के लिए उदयपुरवाटी व गुढ़ा को केंद्र बनाया गया है। जहां पर मूंग व मूंगफली बेची जा सकती है।
इस बार बेहतर क्वालिटी
इस बार खरीफ फसल में मूंग व मूंगफली की बेहतर क्वालिटी है। दोनों का दाना शानदार बताया जा रहा है। कृषि अधिकारी शीशराम जाखड़ बताते हैं कि इस बार 31 हजार हैक्टेयर में मूंग और ३२०० हैक्टेयर में मूंगफली की बुआईकी गई थी। इस बार मूंगफली १६ क्विंटल व छह क्विंटल मूंग प्रति हैक्टेयर औसत उत्पादन हुआ है।
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इनका कहना है...
जिले में सात केंद्रों पर मूंग व मूंगफली के लिए स्थापित किए गए हैं। जहां पर किसान अपना समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं। झुंझुनूं में अभी तक महज तीन किसानों मूंग बेचने के लिए आए हैं। जबकि भाव भी बाजार से ज्यादा मिल रहे हैं और क्वालिटी भी इस बार बढिय़ा है।
धर्मेन्द्र रेपस्वाल, महाप्रबंधक कृय-विक्रय सहकारी समिति, झुंझुनूं
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