
अनूठा गणेश मंदिर
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब देशभर में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गणेश चतुर्थी का पावन उत्सव भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु पुजन के लिए अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापति करते हैं या गणेश मंदिर में जाकर भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं। देशभर में भगवान गणेश के कई ऐसे मंदिर हैं जिनकी अलग- अलग विशेषताएं हैं। ऐसे ही एक भगवान गणेश का मंदिर राजस्थान के झुंझूनूं जिले में स्थित है।
खेतड़ी के झोझू धाम स्थित श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर एकमात्र ऐसा गणेश मंदिर है। जहां सम्पूर्ण गणेश परिवार की प्रतिमाएं स्थापित है। इसमें भगवान श्री गणेश, रिद्धि- सिद्धि तथा शुभ-लाभ की प्रतिमाएं हैं। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 2002 में श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर एवं तपोवन आश्रम वृंदावन के पीठाधीश्वर संत विद्यार्थी महाराज ने करवाया। मंदिर में प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी पर दो दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव का आयोजन तो होता ही है। साथ ही विशाल मेले भी लगता है। मेले में हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। इसके अतिरिक्त प्रति सप्ताह बुधवार को प्रात: काल से सायं काल तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है। हर बुधवार को यहां पर विशेष पूजा-अर्चना होती है।
इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर शनिवार को (Ganesh Chaturth Date 2024) है। गणेश चतुर्थी के दिन घर पर श्रद्धालु गणेशजी की मूर्ति की स्थापना करते हैं और उनका पूजन विधि विधान से करते हैं। इसके बाद गणेशजी का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन करते हैं। गणेश चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11:03 बजे से दोपहर 01:34 बजे तक है। गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर में पूजा होगी और रात के समय में चंद्रमा का दर्शन नहीं होगा। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर चांद देखने से झूठा कलंक लगता है।
Updated on:
01 Sept 2024 10:08 pm
Published on:
01 Sept 2024 09:44 pm
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