
राजेश शर्मा
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: यदि आप बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर को बदल रहे हैं तो पहले बैंक में सूचना देकर डी-लिंक करवा लें। वरना छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। आपके खाते में जमा पूंजी कोई दूसरा निकाल सकता है। झुंझुनूं के पिलानी निवासी एक महिला हाल में ऐसी घटना का शिकार हुई है। महिला के बैंक खाते से बारह लाख रुपए निकाल लिए गए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, एक अभी भी फरार है।
दरअसल मोबाइल कंपनी तय समय के बाद बंद नंबर की सिम किसी अन्य को जारी कर देती है। पहले वाले सिम धारक ने यदि बैंक से उस नंबर को डी लिंक नहीं करवाया है तो बैंक से संबंधित मैसेज नए सिम धारक के पास जाने लगते हैं। ऐसे में नया सिम धारक ओटीपी के आधार पर नेट बैंकिंग व एटीएम से पहले वाले व्यक्ति के बैंक खाते से रुपए निकाल सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार देश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
पिलानी निवासी एक महिला के पास जो सिम थी वह लगभग कई माह तक रिचार्ज नहीं करवाने पर बंद हो गई। निजी मोबाइल कंपनी ने यह सिम जोधपुर क्षेत्र के व्यक्ति के नाम से जारी कर दी। महिला ने इस सिम के नंबर बैंक खाते से नहीं हटवाए।
महिला के बैंक के लेनदेन के मैसेज जोधपुर के व्यक्ति के पास जाने लग गए। उसने नेट बैंकिंग और एटीएम कार्ड जारी करवाकर महिला के खाते से करीब बारह लाख रुपए निकाल लिए। महिला को इस फ्रॉड का पता काफी देर में चला। इस पर उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पिछले दिनों मुंबई के कारोबारी के फोन पर रात 11 बजे से 2 बजे के बीच 6 मिस्ड कॉल आईं। एक कॉल इंग्लैंड के कोड 44 से आई थी। सुबह कारोबारी जब किसी को फोन करने लगे तो पता चला कि उनका सिम काम नहीं कर रहा है। मोबाइल कंपनी से पता चला कि नए सिम के लिए रिक्वेस्ट के बाद पुराना सिम डि-एक्टिवेट कर दिया है। आरोपी ने फर्जी सिम लेकर कारोबारी के खाते से करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए निकाल लिए।
खाता धारक अपनी बैंक की शाखा में जाएं। वहां कस्टमर रिवेस्ट फार्म भरें। इसके साथ तय दस्तावेज लगाएं। इसमें नए मोबाइल न्बर लिखें। साथ ही यह भी बताएं पुराने नंबर को हटा दें। इसके बाद संबंधित अधिकारी खाते से नया न्बर जोड़ देगा। ग्राहकों को सतर्क रहना होगा।
पिलानी में ऐसी घटना हुई जब मोबाइल नंबर बदलने पर महिला के खाते से लिंक नंबर की दूसरी सिम जारी करवाकर करीब बारह लाख रुपए से ज्यादा की राशि निकाल ली गई। इसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
है। ग्राहकों को सतर्कता बरतनी चाहिए। मोबाइल नंबर बदलते समय आधार, जानाधार, बैंक खाते व अन्य दस्तावेज से नंबर डी-लिंक करवाएं।
Updated on:
15 Jan 2025 08:28 am
Published on:
15 Jan 2025 08:28 am
