
निलंबन पर मचा बवाल: एसई और कर्मचारी के बीच हुआ ऐसा की बुलानी पड़ी पुलिस
-कर्मचारियों ने दिया एसई कार्यालय के बाहर धरना
-एमडी के दखल के बाद पुलिस की मौजूदगी में हुईवार्ता, नहीं बनी बात
झुंझुनूं. बिजली निगम कार्यालय में देरी से आने पर लिपिक को निलंबित करने के मामले में निगम के अधीक्षण अभियंता और कर्मचारी आमने-सामने हो गए हैं। लिपिक को बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को निगम कर्मचारी एससी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला निगम के एमडी तक पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू हुई। लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने से माहौल गर्मा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।
देरी से पहुंचे निगम में कार्यरत कनिष्ट लिपिक को निलम्बित करने के विरोध में निगम कर्मचारियों ने सुबह मुख्य द्वार के बाहर धरना शुरू कर दिया। दोपहर को एसई को ज्ञापन देने के लिए कार्यालय पहुंचे तो अधिकारी ने वार्ता के लिए केवल तीन लोगों को आने की बात कही। लेकिन कर्मचारी ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल के साथ वार्ता का प्रस्ताव रखा। इसकों लेकर सहमति नहीं बनने से कर्मचारी गेट के सामने बैठकर नारेबाजी कर विरोध जताना शुरू कर दिया। मामला बिगडऩे पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
एमडी के दखल के बाद वार्ता
पुलिस बुलाने से नाराज कर्मचारी वापस मुख्य द्वार के पास गेट के बाहर आकर बैठ गए।बाद में मामले को लेकर कर्मचारियों ने अजमेर डिस्कॉम के एमडी से वार्ता की। बाद में एमडी के दखल के बाद एसई ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान कर्मचारियों ने निलम्बन को लेकर गलत ठहराते हुए नाराजगी जाहिर करते हुए आदेश निरस्त करने की बात कही। दूसरी तरफ एसई ने नियमानुसार सही बताते हुए आदेश निरस्त नहीं करने की बात कही। इसकों लेकर दोनों पक्षों में एकबारगी गर्मागर्मी हो गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत किया।
यह था मामला
बुधवार को एसई एसएन चावला सहायक अभियंता ग्रामीण कार्यालय में निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान कनिष्ठ लिपिक सुरजीत सिंह अनुपस्थित मिलने पर क्रॉस लगाकर चले गए। कार्यालय पर पहुंचने पर लिपिक को इसकी जानकारी लगने पर क्रॉस के नीचे हस्ताक्षर कर दिए। इसकी जानकारी लगने पर एसई ने तत्काल निलम्बन के आदेश जारी कर कर्मचारी को बिसाऊ में उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।
इनका कहना है...
कर्मचारी का समय पर आना उसका दायित्व बनता है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलने पर क्रॉस लगाया था, इसके बावजूद कर्मचारी की ओर से हस्ताक्षर कर दिए, जो कि गलत है। कर्मचारी के इस तरह के बर्ताव से गलत संदेश जाता है, कार्रवाई नियमानुसार सही है।
एसएन चावल, एसई झुंझुनूं।
कर्मचारी की ओर से गलती के लिए माफी मांग ली गईथी। लेकिन देरी से आने पर निलम्बन की कार्रवाई गलत है। इसके विरोध में सोमवार से एसई कार्यालय के सामने क्रमिक धरना देकर विरोध किया जाएगा।
नरेन्द्र सिंह राठौड़, विद्युत कर्मचारी नेता झुंझुनूं।
Published on:
13 Jul 2018 01:44 pm
