4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

झुंझुनूं के स्वास्थ्य पर मच्छर का डंक

झुंझुनूं. स्वास्थ्य को लेकर झुंझुनूं जिले के लोगों के लिए संकेत अच्छे नहीं है। समय पर नहीं चेते तो यहां मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसे रोग भयावह रूप ले सकते हैं। मानसून से पहले चिकित्सा विभाग की ओर से जिले भर में करवाए गए सर्वे में यह स्थिति सामने आई है।
2 min read
Google source verification
jhunjhunu health department news

झुंझुनूं के स्वास्थ्य पर मच्छर का डंक

-15 हजार से अधिक स्थानों पर मिला मच्छर का लार्वा
-रोकथाम के लिए विभाग के साथ जनता को होना होगा सावचेत
मनीष मिश्रा.

झुंझुनूं. स्वास्थ्य को लेकर झुंझुनूं जिले के लोगों के लिए संकेत अच्छे नहीं है। समय पर नहीं चेते तो यहां मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसे रोग भयावह रूप ले सकते हैं। मानसून से पहले चिकित्सा विभाग की ओर से जिले भर में करवाए गए सर्वे में यह स्थिति सामने आई है। विभाग की टीम को जिले में 15 हजार 621 स्थानों पर खतरनाक मच्छरों का लार्वा मिला है। यह लार्वा नष्ट करवा दिया गया, लेकिन बरसात के मौसम में लार्वा फिर पनप सकता है।

एक लाख 43 हजार स्थानों पर जांच
चिकित्सा विभाग की ओर से एक मई से 30 जून तक जिले भर में सर्वे का अभियान चलाया गया। इस दौरान एक लाख 43 हजार 194 स्थानों पर जांच की गई। जांच के दौरान पानी की टंकी, कूलर, गमले और खाली टायरों में भरे पानी में 15 हजार 621 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा पाया गया।

मानसून के बाद भयावह हो सकते हैं हालात
यह स्थिति मानसून आने से पहले की है। बरसात के बाद स्थिति गंभीर हो सकती है। कारण कि छतों पर पड़े रहने वाले खाली बर्तनों को लेकर लोग गंभीर नहीं होते। ऐसे में छत पर पड़े कूलर, टायरों व अन्य बर्तनों में बरसात का पानी एकत्र हो जाता है। इस पानी में पैदा होने वाला लार्वा मौसमी बीमारियों और वायरल का प्रमुख कारण बनता है।

शेखावाटी की है गंभीर स्थिति
डेंगू और मलेरिया के मच्छरों को लेकर शेखावाटी की स्थिति गंभीर है। यहां सीकर जिले का नीमकाथाना और खेतड़ी क्षेत्र को हाईस्कि जोन में माना जाता है। मच्छर विशेषज्ञों ने इसे लेकर चेतावनी जारी की थी। पिछले वर्षो की स्थिति पर नजर डाली जाए तो यहां डेंगू और चिकनगुनियां कई लोगों की मौत का कारण बना है।

अब 16 से शहर में चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 जुलाई से शहर में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाईफस की रोकथाम के लिए तीन दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगरपरिषद, नगरपालिकाएं, पशुपालन, शिक्षा, जलदाय विभाग सहित अन्य विभागों को शामिल किया जाएगा। अभियान के दौरान एंटी लार्वा व एंटी एडल्ट एक्टिविटियां की जाएंगी।

यहां है लार्वा
खुली टंकी, कंटेनर, खाली पड़े टायर व घरों के आसपास बने गढ्डों में जमा साफ पानी में मच्छर अंडे देते हैं। इन से लार्वा निकलता है, जिसे आसानी से पानी में तैरते देखा जा सकता है। चिकित्सकों ने बताया कि मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से मलेरिया, एडिज एजिप्टाई से डेंगू व चिकनगुनिया व क्युलेक्स मच्छर के काटने से फाइलेरिया जैसी बीमारी हो सकती है।

मलेरिया, डेंगू अब नोटिफाइड डिजीज
सरकार ने 28 मई 2018 को मलेरिया, डेंगू को नोटिफाइड डिजीज घोषित कर दिया। ऐसे में अब निजी व सरकारी संस्थानों, लैब, क्लिनिक संचालकों को सम्बंधित नोडल अधिकारी को पॉजीटिव मरीजों की सूचना आवश्यक तौर पर देनी होगी। सूचना नहीं देने पर पांच सौ रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकारी अधिकारी किसी भी परिसर में फीवर सर्विलेंस, एंटीलार्वा गतिविधियां व बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा छिड़काव करवा सकता है।

किस जगह कितने मिले लार्वा
पात्र का नाम चैक किए लार्वा मिले
टंकी 55042 13291
कूलर 69057 1524
अन्य पात्र 19095 806

जिले की स्थिति
बीमारी रोगी मौत
डेंगू 63 2
चिकनगुनिया 2 0

इनका कहना है...
मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी लार्वा एक्टिविटीज की गई हैं। आगे भी जारी रहेगी। इसमें लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।
डॉ. राजकुमार डांगी, डिप्टी सीएमएचओ झुंझुनूं।

बड़ी खबरें

View All

झुंझुनू

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग