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सूदखोरों के जाल में फंसे युवक ने किया ये कि सुनने वालों की रूक गई सांसे

झुंझुनूं. ढाई लाख रुपए का प्रतिदिन पांच हजार रुपए ब्याज! यह सुनकर भले ही आश्चर्य हो रहा हो लेकिन कुछ इसी तरह की वसूली इन दिनों सूदखोर कर रहे है और स्थिति यह हो रही है कि मूल रकम का चार गुना रकम ब्याज चुकाने के बाद भी जब सूदखोरों ने पीछा नहीं छोड़ा तो उसने आत्महत्या का प्रयास किया।
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सूदखोरों के जाल में फंसे युवक ने किया ये कि सुनने वालों की रूक गई सांसे

झुंझुनूं. ढाई लाख रुपए का प्रतिदिन पांच हजार रुपए ब्याज! यह सुनकर भले ही आश्चर्य हो रहा हो लेकिन कुछ इसी तरह की वसूली इन दिनों सूदखोर कर रहे है और स्थिति यह हो रही है कि मूल रकम का चार गुना रकम ब्याज चुकाने के बाद भी जब सूदखोरों ने पीछा नहीं छोड़ा तो उसने आत्महत्या का प्रयास किया। हालाकि इन परिस्थितियों से परेशान युवक ने पूर्व में जिला कलक्टर एवं एसपी से भी गुहार लगाई लेकिन उसे वहां से भी राहत नहीं मिल सकी।

जानकारी के मुताबिक मुरोत निवासी नरेश मेघवाल ई मित्र चलाता है। कुछ माह पहले उसने रुपए की आवश्यकता होने एक व्यक्ति से बगड़ निवासी सुभाष बूंदेला से ढाई लाख रुपए उधार लिए थे। जिसके बदले में सुभाष प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख रुपए अर्थात पांच हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज वसूल रहा था। कुछ ही माह में मेघवाल ने ब्याज के रुप में चार गुना से अधिक रकम यानि आठ लाख रुपए वसूल चुका था और आर्थिक रुप से नरेश की हालत भी खराब हो गई।

बार-बार ब्याज एवं मूल रकम के तकाजे से वह इतना परेशान हो गया कि उसने स्वयं को समाप्त करने के लिए रविवार को नींद की गोलियां खा ली। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।गंभीर अवस्था में परिजन उसे लेकर बीडीके अस्पताल पहुंचे।

सुसाइड नोट में लिखी व्यथा नरेश की जेब से मिले दो पेज के सुसाइट नोट में उसने अपनी सारी व्यथा भी लिखी है। जिसमें बताया कि उसने सुभाष से ढाई लाख रुपए लिए थे और आठ लाख रुपए चुकाने के बाद भी वह पांच लाख की मांग कर रहा था। नोट में यह भी आरोप लगाया कि सुभाष ने नरेश को गत दिनों धमकी दी कि वह पचास लाख रुपए नहीं देगा तो वह नरेश एवं उसकी पत्नी को उठा लेगा। पत्र में यह भी आरोप है कि वह पुलिस थाने में भी सेटिंग है और पुलिस भी सुभाष को पैसे देने और समझौता करने के लिए दबाव डाल रही थी।

जमीन के कागजात एवं जेवर रखे
ढ़ाई लाख रुपए कर्जा लिया था प्रतिदिन पांच हजार रुपए के ब्याज दे रहा था। इसके बदले में जमीन के कागजात के अलावा जेवरात भी रख लिए। खाली चैक एवं स्टाप भी लिए थे।

कलक्टर व एसपी तक गुहार
नरेश ने बताया कि आठ लाख देने के बाद कर्जदार की ओर से पचास लाख रुपए बकाया बताया जा रहा है। चुकता नहीं करने पर पत्नी का अपहरण करने के अलावा धमकाया जा रहा है। इसकों लेकर २७ जनू को उसने पुलिस अधीक्षक एवं जिला कलक्टर के समक्ष भी गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एक पहले ही जान गंवा बैठा
शहर के फौज का मोहल्ला में क्रिकेट सट्टे में हारी रकम नहीं चुकाने पर सटोरिए के दबाव से परेशान युवक के फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला शांत हुआ भी नहीं हुआ है। इस मामले में पुलिस अब तक आरोपितों को पकड़ भी नहीं पाई है।

इनका कहना है
आपसी लेन-देन की बात सामने आ रही है, पीडि़त से इस सम्बंध में कागजात देने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विश्वजीत सिंह, थानाधिकारी बगड़

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