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सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल की ससम्मान अंतेष्टि

सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबलकी ससम्मान अंतेष्टि नवलगढ़. जम्मू कश्मीर के उधमपुर में सीआरपीएफ के एक जवान की ओर से चलाई गई गोली से गांव बड़वासी निवासी हेड कांस्टेबल पोकरमल भी मौत का शिकार हो गए।पोकरमल सीआरपीएफ में 187 बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर उधमपुर में कार्यरत थे। उन की मौत की सूचना जैसे ही घर व गांव में पहुंची तो हर किसी की आंखे नम थी और गांव में मातम पसर गया। शुक्रवार सुबह सीआरपीफ के अधिकारी पोकरमल का शव लेकर गांव बड़वासी पहुंचे। पोकर मल का शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के श्मशान घाट में पोकरमल की ससम्मान अंतेष्टि की गई। सैनिकों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल की ससम्मान अंतेष्टि

सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल
की ससम्मान अंतेष्टि

नवलगढ़. जम्मू कश्मीर के उधमपुर में सीआरपीएफ के एक जवान की ओर से चलाई गई गोली से गांव बड़वासी निवासी हेड कांस्टेबल पोकरमल भी मौत का शिकार हो गए।
पोकरमल सीआरपीएफ में 187 बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर उधमपुर में कार्यरत थे। उन की मौत की सूचना जैसे ही घर व गांव में पहुंची तो हर किसी की आंखे नम थी और गांव में मातम पसर गया। शुक्रवार सुबह सीआरपीफ के अधिकारी पोकरमल का शव लेकर गांव बड़वासी पहुंचे। पोकर मल का शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के श्मशान घाट में पोकरमल की ससम्मान अंतेष्टि की गई। सैनिकों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
सीआरपीएफ के अजमेर डीआइजी अनिल ढोंडियाल समेत अन्य सीआरपीएफ के अधिकारियों ने पोकरमल के शव पर पुष्पचक्र अर्पित किए। शव लेकर आए सैनिकों ने बताया कि बुधवार रात को केम्प में यह घटना हुई थी।
अंतिम यात्रा में उमड़ा गांव
मृतक पोकरमल चार भाइयों में तीसरे नम्बर के थे। पोकरमल के दो लडक़े हैं। अचानक हुईइ स घटना से पूरा परिवार दुखी है। परिजनों के अनुसार पोकरमल से होली वाले दिन रात को फोन से बात हुई थी। लेकिन कुछ देर बाद ही यह घटना हो गई। पोकर मल की अंतिमयात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा।

भूरीवास के सैनिक राजेश कुमार की सम्मान के साथ अंत्येष्टि
बुहाना. आपसी प्रेम-सौहाद्र्र एवं रंगों के त्योंहार होली-धूलंडी के दिन भूरीवास गांव के लाडले की सडक़ हादसे में मौत होने से गम का सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार दोपहर को बुहाना-सिंघाना सडक़ मार्ग पर डंपर की चपेट में आने से मौत का ग्रास बने उपखड के भूरीवास गांव निवासी सैनिक राईफलमेन राजेश कुमार का बुधवार को सैनिक सम्मान के साथ गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम की तमाम औपचारिकता पूरी करके बुधवार को सवेरे सैनिक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक राजेश कुमार को जयपुर से आई जाट रेजीमेंट की सेना की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। स्मरण रहे, भूरीवास गांव का राजेश कुमार एवं महराणा गांव के दिनेश कुमार दोनों एक बटालियन में कार्यरत रहे थे। बुहाना-सिंघाना सडक़ मार्ग पर बोहरा वाला कुंआ के पास मंगलवार को दोनों आपस में मिलने के बाद सडक़ किनारे खड़े होकर बात कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से दौड़ते डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी थी। भूरीवास के राजेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक राजेश कुमार 12 राज राइफल की जैसलमेर बटालियन में कार्यरत था। उसकी सर्विस को नो साल हो चुके है। वह दस दिन की छुट्टी पर घर आया हुआ था। घटना के समय राजेश कुमार अपने परिजन को बोर्ड परीक्षा दिलाने के लिए आया था।

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