
सीएम के आदेशों को नहीं मानता ये विभाग
अविनाश चतुर्वेदी.
झुंझुनूं. यहां सरकार आए या सीएम। कोई फर्क नहीं पड़ता। सब कुछ एक ढर्रे पर चलता है। ना किसी को शिकायतों की फिर्क है और ना ही समाधान की चिंता। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सात माह पहले मुख्यमंत्री के जनसंवाद के दौरान मिली शिकायतों का भी यहां का प्रशासन निपटारा नहीं कर पाया है। इस मामले में सर्वाधिक गंभीर स्थिति पुलिस विभाग की है। लिखित और मौखिक दोनों ही प्रकार की शिकायतों के निस्तारण ने पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं बरती। जबकि इन शिकायतों के समाधान के लिए जिले से लेकर राज्य स्तर तक बार-बार समीक्षा की जा रही है।
--------------------------
हवा हो गए निर्देश
जन संवाद के लिए आई मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न समाजों और प्रबुद्ध लोगों की समस्याओं के साथ विभागीय शिकायतों को भी सुना। इस दौरान अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। सीएम के जनसंवाद के कार्यक्रम के दौरान जिले में 4930 शिकायतें प्राप्त हुई थी। इसमें मौखिक रुप से 785 एवं लिखित रुप में 4145 शिकायतें प्राप्त हुई। इन शिकायतों को दो भागों में बांटा गया था। एक राज्य स्तर की एवं दूसरी जिले स्तर की समस्या थी। लेकिन इन शिकायतों के समाधान को लेकर दिए गए निर्देश पर गंभीरता नहीं बरती गई।
--------------------------
लापरवाही में पुलिस नंबर वन
मुख्यमंत्री जन संवाद के दौरान मिली शिकायतों के निस्तारण के पेडिंग मामलों पर नजर डाली जाए तो जिले की पुलिस नंबर वन है। जिले में मौखिक रुप से मिली कुल 20 शिकायतों का निस्तारण अभी होना शेष है। इनमें से सबसे ज्यादा चार प्रकरण पुलिस विभाग के लम्बित है। इसके अलावा तीन प्रकरण जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं तीन प्रकरण नगर पालिका नवलगढ़ के बकाया है। दस प्रकरण अन्य विभागों के हैं। वहीं जिले में लिखित रुप से मिले प्रकरणों में जिसमें भी सर्वाधिक 24 प्रकरण पुलिस विभाग के और 11 प्रकरण जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में निस्तारण के लिए पैडिंग है।
------------------------------
1278 तो करने योग्य ही नहीं थी
जिले में कुल 4930 शिकायतें मुख्यमंत्री जनसंवाद के दौरान मिली। इनमें से 1278 शिकायतें इस तरह की मिली जो करने योग्य नहीं थी। जिन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। इनमें से 545 प्रकरण राज्य स्तर के और शेष जिला स्तर के है।
1702 मामलों को पुराना मानकर अटकाया
जनसंवाद के दौरान मिले प्रकरणों में से 1702 प्रकरणों को लम्बी अवधि का मान कर अटका दिया गया है। जिन पर निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार एवं जिला स्तर पर निर्णय होने के बाद पूरा होने में लम्बा समय लग सकता है। ऐसे प्रकरणों में 1238 प्रकरण राज्य सरकार के स्तर के है।
इनका कहना है...
सीएम जनसंवाद के दौरान मिली अधिकांश शिकायतों का निस्तारण हो गया है। कुछ मामले लम्बित है। जिनके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बार-बार चेताया जा रहा है। गंभीरता नहीं बरती तो कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश कुमार यादव, जिला कलक्टर झुंझुनूं
फैक्ट फाइल-1
कुल प्रकरण मिले - 4930
राज्य स्तर के -2399
जिला स्तर के - 2531
मौखिक परिवादों की स्थिति
कुल शिकायत- 785
करने योग्य नहीं- 195
पूरे हुए - 317
पैण्डिगं- 213
1. जिला स्तर पर - 427
करने योग्य नहीं-122
पूरे हुए - 285
पैण्डिगं- 20
2. राज्य स्तर पर - 358
करने योग्य नहीं-73
पूरे हुए - 92
पैण्डिगं- 193
लिखित परिवादों की स्थिति
कुल शिकायत- 4145
करने योग्य नहीं- 1083
पूरे हुए - 1272
लम्बी अवधि- 1702
पैण्डिगं- 88
1. जिला स्तर पर - 2104
करने योग्य नहीं-611
पूरे हुए - 985
लम्बी अवधि- 464
पैण्डिगं- 44
2. राज्य स्तर पर - 2041
करने योग्य नहीं-472
लम्बी अवधि- 1238
पूरे हुए - 287
पैण्डिगं- 44
Published on:
23 Jun 2018 12:09 pm
