
झुंझुनूं की माताएं बनेगी पन्नाधाय
झुंझुनूं. प्रदेश के अन्य जिलों की तर्ज पर झुंझुनूं में भी आंचल मदर मिल्क बैंक की स्थापना की जाएगी। इसको लेकर केन्द्र सरकार ने स्वीकृति जारी करने के बाद इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। इस मिल्क बैंक की स्थापना के बाद उन बच्चों को जीवन मिल सकेगा जो बच्चे एनआईसीयू में मौत से लड़ रहे उन बच्चों को मां का दूध मिल सकेगा जिन्हें किसी कारण से मां का दूध से वंचित रहना पड़ रहा है।
राज्य सरकार के सलाहकार देवेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के उदयपुर के बाद जयपुर, चित्तौडगढ़़, भीलवाड़ा, टोंक, बांसवाड़ा, बांरा, ब्यावर, चूरू, अलवर, भरपुर, बूंदी, राजसमंन्द, सिरोही, जालौर, बाड़मेर, कारौली, सवाईमाधोपुर एवं धोलपुर सहित 19 जिलों में पूर्व में ही मदर मिल्क बैंक की स्थापना की जा चुकी है।इन बैंकों को मिली सफलता के बाद केन्द्र सरकार ने पांच जिलों में और मिल्क बैंक की स्थापना स्वीकृति जारी की है।जिसमें झुंझुनूं गंगानगर, प्रतापगढ़, जैसलमेर एवं नागैर को भी शामिल किया गया है। अग्रवाल ने बताया कि इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है और शनिवार को वे चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सुबह साढ़े नो बजे चर्चा करेंगे।
यह होगा फायदा
मदर मिल्क बैंक की स्थापना के बाद एनआईसीयू में दूध नहीं मिलने से होने वाले 100 बच्चों की मौत को करीब 16 प्रतिशत तक रोका जा सकता है।बच्चे की बचने की संभावना 6 से 8 गुणा तक बढ़ जाती है। बच्चे में रिकवरी करीब 40 प्रतिशत तेजी से होती है।
यह होगा माताओं को लाभ
दूध दान करने से माताओं के दूध बनने की क्षमता में वृद्धि होती है। दूध ज्यादा बनता है।प्रेन्नेसी फेट तेजी से घटती है जिससे शरीर सुन्दर बनता है। मधुमेह,ब्रेस्ट केंसर, ओवरी कैंसर अन्य बीमारियों आशंका भी न्यूनतम हो जाती है।
इन उपकरणों का होगा उपयोग
मदर मिल्क बैंक के संचालन के लिए इलैक्ट्रोनिक ब्रेस्ट पम्प, मल्टी फंकशनर स्टरलाइजर, होल्कर मेेथड़ पाश्चुराइजर, होट एयर ओवन, लेमिनर एयर फ्लो, केप सीलिंग मशीन आदि मशीने स्थापित की जाएगी।
प्रशिक्षत होगा स्टाफ
मदर मिल्क बैंक का प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ होगा। इसके अलावा डोनर रुम इंचार्ज, लेब इंचार्ज, काउन्सलर, लेक्अेशन मैनेजर एवं सहायक कर्मचारी होंगे। इन सब को विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा।
इन बच्चों को मिलता है दूध
मदर मिल्क बैंक से उन बच्चों को दूध दिया जाता है जो प्रिमेच्योर होते है और स्तनपान नहीं कर पाते, जिन बच्चों का होठ कटा होने से स्तनपान में परेशानी होती है। जिन माताओं के स्तनपान कराने में परेशानी आती है।
अस्पताल का निरीक्षण आज
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्य सलाहकार एवं मदर मिल्क बैंक के प्रभारी डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल मदर मिल्क बैंक की तैयारी को लेकर शनिवार को सुबह साढ़े नो बजे बीडीके अस्पताल पहुंचेगें एवं अधिकारियों के साथ चर्चा कर मदर मिल्क बैंक की जगह आदि के बारे में जानकारी लेंगे।
Published on:
23 Jun 2018 12:23 pm
