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राजस्थान का एक गांव ऐसा जहां की गायें भी लखपति

अक्सर हमने लखपति...करोड़पति नामों के बारे में सुना होगा, जो किसी व्यक्ति विशेष से जुड़े रहते हैं, लेकिन शेखावाटी में एक जगह ऐसी भी है, जहां की गायें भी लखपति हैं। जी हां, राजस्थान के झुंझुनूं जिले के भोड़की के धमाणा जोहड़ के पास स्थित जमवाय ज्योति गोशाला की गायें लखपति हैं।

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राजस्थान का एक गांव ऐसा जहां की गायें भी लखपति


गोपी किशन सोनी. गुढ़ागौडज़ी. अक्सर हमने लखपति...करोड़पति नामों के बारे में सुना होगा, जो किसी व्यक्ति विशेष से जुड़े रहते हैं, लेकिन शेखावाटी में एक जगह ऐसी भी है, जहां की गायें भी लखपति हैं। जी हां, राजस्थान के झुंझुनूं जिले के भोड़की के धमाणा जोहड़ के पास स्थित जमवाय ज्योति गोशाला की गायें लखपति हैं। इस अनूठी गोशाला में ऐसी लखपति गायों की संख्या अभी 15 ही है, लेकिन सब की सब लखपति हैं। जमवाय ज्योति गोशाला अपने आप में अनूठी है। ग्रामीणों के सहयोग से संचालित इस गोशाला में गाय के नाम से एक लाख रुपए में एफडी की जाती है। गाय को गोद लेने के लिए गोसेवक से एक लाख रुपए की राशि एफडी के रूप में ली जाती है। जिसके बदले उस गाय का पालन पोषण उसी राशि से किया जाता है। अभी तक पंद्रह लोग यह एफडी करवा चुके हैं। गोशाला में गायों के लिए हरे चारे की व्यवस्था के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है। जिसमें गोसेवकों से एक निर्धारित राशि लेकर गोशाला में उगाई जाने वाली चरी की क्यारी पर उनके नाम की पट्टिका लगाई जाती है। करीब साढ़े चार साल पहले गांव के ही कुछ प्रबुद्ध लोगों ने आवारा गोवंश की दुर्दशा को देखकर गोशाला बनाने की सोची। जनसहयोग से इस गोशाला की स्थापना 19 अप्रेल 2015 को हुई। करीब सौ बीघा से ज्यादा भूखण्ड पर गोशाला बनी है।
जैविक खेती से बदलेगी गांव की तस्वीर
गोशाला परिसर के अंदर जैविक खाद बनाने का प्लांट संचालित है। जिसमें केंचुए की खाद तैयार की जा रही है। समिति के राम सिंह शेखावत ने बताया कि रासायनिक खाद की अपेक्षा यह जैविक खाद किसानों के लिए वरदान साबित होगी।

गोली मारकर हत्या करने के बाद अस्पताल से भागा रिटायर्ड फौजी गिरफ्तार

बुहाना. पचेरीकलां पुलिस ने भालोठ गांव के बलबीर सिंह पर फायरिंग करके हत्या करने के आरोपी सेवानिवृत सैनिक विक्रम सिंह को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विक्रम सिंह झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल से उपचार के दौरान फरार हो गया था। थाना प्रभारी भरतलाल मीणा ने बताया कि भालोठ गांव के विक्रम सिंह का 29 सितम्बर की शाम को इसी गांव के बलबीर सिंह एवं उसके परिजनों के बीच श्रमिकों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि सेवानिवृत सैनिक विक्रम सिंह ने अपने लाइसेंसशुदा पिस्तौल से फायर कर दिया था जो बलबीर सिंह के पैर में लग गया था। बलबीर सिंह के पैर में गोली लगने एवं विक्रम सिंह के सिर में चोट लगने के कारण दोनों को झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में भर्ती किया था। घटना के चार दिन बाद गोली लगने से घायल बलबीर सिंह की झुंझुनूं में मौत हो गई थी। बलबीर सिंह की मौत की सूचना लगने के बाद फायरिंग करने का आरोपित विक्रम सिंह उपचार के दौरान अस्पताल से फरार हो गया था। परिजनों के पचेरीकलां थाना पर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की थी। थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर हरियाणा में दबिश डालकर आरोपित विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने फायरिंग में प्रयुक्त पिस्तौल को भी बरामद कर लिया है। इस मामले मे नामजद सदाकौर एवं एक अन्य को पुलिस ने पहले गिरफ्तार कर लिया था।