
झुंझुनूं। शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर देरवाला गांव। सोमवार को यहां ना लोकसभा के चुनाव थे ना ही विधानसभा या सरपंच के। फिर भी लोग मतदान के लिए कड़ाके की सर्दी में कतार में लगे थे। कोई खुद वोट देने आ रहा था तो किसी को वाहनों से लाया जा रहा था। तो वहीं यहां पहुंचे लोगों में उत्साह सरपंच के चुनावों से भी कई गुना ज्यादा दिखने को मिला। यहां प्रस्तावित मेडिकल बायोवेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार को जोरदार एकजुटता दिखाई। विशेष ग्रामसभा बुलाकर ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मतदान करवाया गया। जिसमें लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अभी तक शराबबंदी को लेकर प्रदेश भर में मतदान हो चुका है, लेकिन किसी ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर मतदान करवाने का प्रदेश का संभवत यह अनूठा मामला रहा। दिलचस्प बात यह रही कि एक तरफ जहां सरपंच चुनावों के दौरान फायरिंग की घटना हुई थी, हालांकि जांच में गोलियां रबर की पाई गई, लेकिन ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में सभी लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से उत्साह के साथ मतदान में हिस्सा लिया। शाम 5:30 बजे तक 4000 लोग मतदान कर चुके थे। हालांकि सरपंच के चुनाव में भी करीब 4 हजार वोट डाले गए थे। ग्राम पंचायत की ओर से पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। यहां कुल मतदाता 5700 के करीब हैं।
सुबह से ही पहुंचे लगे लोग-
अटल सेवा केन्द्र में सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के साथ ही महिलाओं और पुरुषों का आना शुरु हो गया था। सभी लोग ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर मतदान करने के लिए लाइनों में लगकर बारी का इंतजार करते हुए नजर आ रहे थे। देर शाम तक मतदान के लिए आने वालों का सिलसिला लगा हुआ था। विशेष ग्राम सभा को लेकर पंचायत की ओर से भी लगभग सभी तैयारियां कर ली गई थी। अब इसके बाद मंगलवार को ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव का अनुमोदन किया जाएगा।
तीन जगह किए हस्ताक्षर-
विशेष ग्राम सभा के लिए सभी नियम बनाए गए। पंचायत के रजिस्टर में प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करवाने के अलावा एक मतदाता पर्ची और एक शपथ पत्र भी सभी वोटरों को दिया गया। जिसमें गांव के लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर देरवाला में दोनों प्लांट के पक्ष और विपक्ष में मतदान कर राय व्यक्त की।
छुट्टी लेकर पहुंचे मतदान के लिए-
ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर हुई विशेष ग्राम सभा में मतदान के जरिए अपनी राय प्रकट करने के लिए गांव के बाहर दूसरे जिलों में कार्यरत और रहने वाले लोगों के अलावा सरकारी कर्मचारी भी छुट्टी लेकर निजी वाहनों के जरिए मतदान करने के लिए पहुंचे। और मताधिकार का प्रयोग किया।
Published on:
25 Dec 2017 09:19 pm
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