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सट्टे के दांव में जिंदगी की सबसे कीमती चीज हार गया यह युवक

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झुंझुनूं. सट्टे में पैसे हारने के बाद सटोरियों के दबाव में रविवार रात को झुंझुनूं में युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने युवक के पास मिले सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

पुलिस के अनुसार युवक झुंझुनूं शहर के फौज का मोहल्ला निवासी राकेश सिंह (21) था। राकेश पिछले दिनों क्रिकेट के सट्टे में पैसा हार गया था। आरोप है कि सटोरिए मुकेश पंसारी की ओर से सट्टे की रकम चुकाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

रकम नहीं चुकाने पर उसे लगातार धमकी दी जा रही थी। ऐसे में अवसाद में आकर उसने जान दे दी। राकेश के भाई शिवकरण राजपुरोहित की ओर से दर्ज करवाए गए मामले में सट्टे की रकम नहीं चुकाने पर राकेश को परेशान करने का आरोप लगाया गया है। शाम को एफएसएल टीम ने राकेश के घर जाकर सबूत एकत्र किए। झुंझुनूं शहर कोतवाल गोपाल सिंह ढाका ने भी मुकाअना किया।

शेखावाटी में गहरा है सट्टे का जाल
-राकेश की मौत की वजह पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगी। लेकिन इससे यह जाहिर हो गया है कि झुंझुनूं सट्टे के दलदल में गहरा धंसा हुआ है।
-इस कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि जिले में करीब 20 बड़े व 200 छोटे बुकी है।
-झुंझुनूं के बुकी दुबई, दिल्ली, मुम्बई के अलावा बीकानेर से लाइन भी लेते हैं।
-जिला मुख्यालय के साथ चिड़ावा और नवलगढ़ में भी बड़ी मात्रा में सट्टे का कारोबार होता है।
-आईपीएल व दूसरे क्रिकेट मैचों के दौरान सटोरिए पूरी तरह सक्रिय रहते हैं।
-बड़े सटोरिए व बुकी होटल, लॉज व किराए का मकान लेकर या फिर शहर के बाहर बैठे कर दाव लगाते हैं।
-सूत्रों की माने तो पुलिस से बचने के लिए कुछ बड़े बुकी प्रदेश के बाहर व विदेशों में बैठे अपने गुर्गों के मॉर्फत इसे चला रहे हैं।

नेट पर बढ़ा सट्टा कारोबार
इंटरनेट पर भी जिले में सट्टे का कारोबार किया जा रहा है। इसके लिए कई सोश्यल साइटें सक्रिय है। जो पहले व्यक्ति को डेमो देती है। बाद में सट्टा लगाने के इच्छुक व्यक्ति को यूजर नेम व पॉसवर्ड दिया जाता है। इसके बाद व्यक्ति लिमिट के मुताबिक सट्टा लगा सकता है। रुपए सीधे ऑनलाइन या मोबाइल एप से ट्रांसफर किए जाते हैं।

बनाते है दबाव
हारने के बाद रकम चुकता नहीं करने पर प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज भी लिया जाता है। सटोरिए की ओर से रकम चुकता करने के लिए फोन पर या फिर अपने गुर्गों को भेजकर धमकाया जाता है। राशि बड़ी होने पर परेशान होकर लोग मौत को गले लगा लेते हैं।

गुमशुम रहता था राकेश
परिजनों का कहना है कि राकेश पिछले कई दिनों से गुमशुम रहता था। वह सट्टे में लाखों रुपए हार गया था। लेकिन इस बारे में उसने किसी को नहीं बताया। कभी-कभार किसी परिचित की उधारी चुकाने का बहाना बनाकर पिता से रुपए ले जाता था। सात भाई-बहनों में राकेश छठे नंबर का था। वह शुरू में मेडिकल स्टोर पर काम करता था। पिछले करीब दो माह से घर के बाहर बनी किराणा की दुकान पर बैठता था।
उठाए नमूने
शाम को कोतवाल गोपालसिंह ढाका ने मृतक के घर पहुंचकर मौका मुआयना करने के अलावा परिजनों से पूछताछ की। वहीं एफएसएल टीम ने सबूत एकत्रित किए।

राकेश के पास पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। इसमें सट्टे का कारोबार का फंसकर पैसा हारने और वसूली के लिए सटोरियों के दवाब की बात लिखी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
गोपालसिंह ढाका, थानाधिकारी कोतवाली (झुंझुनूं)

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