
पिता के शहीद होने से अनजान तीन वर्षीय बेटे का जज्बा- दुश्मनों को बंदूक से मारते हैं मेरे पापा, मैं भी मारूंगा
झुंझुनूं।
आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद झुंझुनूं का लाल श्योराम (Shyoram) के तीन वर्षीय बेटे का जज्बा देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा होगा। शहीद पिता की खबर से अनजान मासूम ने कहा, मेरे पापा फौज में है। दुश्मनों को बंदूक से मारते हैं। मैं भी बड़ा होकर फौज में जाऊंगा। मैं भी दुश्मनों को मारूंगा। मासूम से जब यह बात सुनी तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। बता दें कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा के पास पींगलाना में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान हवलदार श्योराम शहीद हो गया था। वे 55 आरआर बटालियन में कार्यरत थे। अभी उनकी ड्यूटी जम्मू कश्मीर में थी।
श्योराम तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। इनसे छोटा रूपचन्द भी भारतीय सेना (Indian Army) में हिसार में कार्यरत है। तीसरा छोटा भाई रघुवीर घर पर रह कर पढाई कर रहा है। इनके तीन वर्ष का पुत्र खुशांक है। शहीद के चार बहनें हैं इनमे झल्ली देवी, भरपाई देवी, सुलोचना व कृष्णा देवी है।
Read More :
Updated on:
19 Feb 2019 07:54 pm
Published on:
19 Feb 2019 11:32 am
