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सरकार ने गेहूं और सरसों की बाजार से अधिक रेट तय कर दी, फिर क्यों नहीं पहुंचे किसान अपना अनाज बेचने

दो हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीयन करवाया, अनाज की आवक नहीं होने से सूने पड़े हैं केंद्र
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More than two thousand farmers have registered, the grains are not the

सरकार ने गेहूं और सरसों की बाजार से अधिक रेट तय कर दी, आखिरकार फिर क्यों नहीं पहुंचे किसान अपना अनाज बेचने

झुंझुनूं. किसानों के खेतों में उपजे गेहंू व सरसों की बेहतर कीमत देने के लिए इस बार राज्य सरकार ने एक अप्रेल से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी है। झुंझुनूं अंचल में प्रशासन ने सरसों व चने को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पूरी तैयारियां कर रखी हैं, परंतु दो दिन के दौरान किसी भी खरीद केंद्र पर चना व सरसों का एक दाना नहीं पहुंचने से केंद्र सूने पड़े हुए हैं। राज्य सरकार की ओर से पांच क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के सात केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर चना व सरसों की खरीद की जाएगी। इसमें झुंझुनूं, सूरजगढ़, चिड़ावा, उदयपुरवाटी व नवलगढ़ के क्रय-विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से संबंधित मंडियों व अन्य स्थानों पर केंद्र बनाए गए हैं। उदयपुरवाटी के किसानों के लिए उदयपुरवाटी व गुढ़ागौडज़ी तथा नवलगढ़ के लिए मुकुंदगढ़ व नवलगढ़ में बनाए गए केंद्रों समेत किसी भी केंद्र पर शाम तक अनाज बेचने के लिए कोई भी किसान नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि इस बार समर्थन मूल्य 4200 रुपए प्रति क्विंटल सरसों तथा 46 20 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चने का मूल्य तय किया गया है।

एक हजार के करीब रजिस्ट्रेशन
समर्थन मूल्य पर चना व सरसों की खरीद के लिए किसानों के रजिस्ट्रशेन मार्च से चल रहे हैं। अधिकारियों की माने दो अप्रेल की शाम तक सातों केंद्रों पर खरीद के लिए एक हजार के करीब रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन छह सौ के करीब सूरजगढ़ व झुंझुनूं में ढाई आए हैं।

दस अप्रेल के बाद शुरू होगी आवक
अधिकारियों का कहना है कि खरीद केंद्रों पर दस अप्रेल के बाद ही आवक शुरू होगी। क्योंकि अंचल के खेतों में किसान लावणी में जुटे हैं। जबकि किसानों के अनुसार अधिकांश खेतों सरसों की कटाई हो चुकी है। सातों खरीद केंद्रों पर मंगलवार को बारदाना पहुंचा। बारदाना राजफैड ने नैफेड के माध्यम से खरीदा है।

इनका कहना है...
एक अप्रेल से अंचल के पांच क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के सात केंद्रों पर खरीद के लिए खरीद शुरू कर दी गई है। परंतु किसी भी केंद्र पर अनाज की आवक नहीं हुई। किसान लावणी में जुटा है। दस अप्रेल के बाद अनाज की आवक आने की संभावना है। अब तक एक हजार के करीब किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
दीपक कुमार, सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां झुंझुनूं

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