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Nautapa 2024: सूर्य ने दिखाया रोद्र रूप, नौतपा झुलसाएगा, जानें कौन हैं रोहिणी नक्षत्र के स्वामी

Nautapa 2024: शनिवार सुबह 3 बजकर 27 मिनट पर सूर्यदेव ने रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर लिया। इसी के साथ नौतपा शुरू हो गया। नौ तपा में प्रचंड गर्मी पड़ेगी। साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी के भी योग हैं।

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Nautapa 2024: शनिवार सुबह 3 बजकर 27 मिनट पर सूर्यदेव ने रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर लिया। इसी के साथ नौतपा शुरू हो गया। नौ तपा में प्रचंड गर्मी पड़ेगी। साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी के भी योग हैं। अनेक जगह आंधी भी आएगी। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि नौतपा 2 जून को समाप्त होगा। गुरु भी एक मई को वृषभ राशि में आ चुके हैं। गुरु और सूर्य का यह संयोग गर्मी के मौसम में तपिश को और बढ़ाएगा। यानी कि अबकी बार नौतपा में सूर्य देव लोगों को ज्यादा झुलसाएंगे। सूर्य ज्येष्ठ माह में 15 दिन के लिए रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, जिसमें शुरू के 9 दिन नौतपा रहता है। वैज्ञानिक दृष्टि के अनुसार इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी भी कम होती है, दिन भी बड़े होते हैं, इसलिए इस दिन भीषण गर्मी पड़ती है। अब सूर्य रोहिणी नक्षत्र से मॄगशिरा नक्षत्र में 8 जून, रात 01:16 मिनट पर प्रस्थान करेंगे।

कौन हैं रोहिणी नक्षत्र के स्वामी
मिश्रा ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं। नौतपा के दौरान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में जानें से चंद्र देव की शीतलता पर असर पड़ता है, नौतपा के दौरान सूर्य देव के प्रभाव की वजह से चंद्रमा का प्रभाव कम हो जाता है, इसी को नौतपा कहा जाता है।

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नौतपा का प्रभाव
-नौतपा के दौरान आग लगने की घटनाएं अधिक हो जाती हैं।
-सूर्य की रोशनी अधिक होनी की वजह से नुकसानदायक विषाणुओं का अंत होने लगता है। -
-इस दौरान सूर्य की पूजा करें, उनको अर्घ्य दें।
-जरुरतमंदों को गर्मी से बचाव की वस्तुओं का दान देना चाहिए।
-प्याऊ लगाएं।
-तेज धूप में निकलने से बचें। बाहर जाएं तो भूखे पेट नहीं जाएं। पानी खूब पीएं।

  • साथ ही दही, नींबू, नारियल पानी और ठंडे फलों का दान करें।-भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा करें और उन्हें चंदन का लेप लगाएं और साथ ही मिसरी का भोग लगाएं।