
बिना संस्कार के मनुष्य पशु के समान
नवलगढ़. गायत्री परिवार नवलगढ़, शांतिकुंज हरिद्वार व भारत विकास परिषद शाखा नवलगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कस्बे की गायत्री विद्यापीठ उमावि में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2018 का पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के अध्यक्ष विष्णुकांत रूंथला थे। अध्यक्षता पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी दीपचंद पंवार ने की। विशिष्ट अतिथि गायत्री परिवार के एडवोकेट कल्याण सिंह शेखावत, पूर्व वार्ड पार्षद किरण रूंथला थे। कार्यक्रम संयोजक प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार दायमा एवं व्यवस्थापिका संतोष दायमा ने तिलक लगाकर पुष्पगुच्छ भेंटकर अथितियों का स्वागत किया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित विश्व स्तरीय भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2018 में अपनी कक्षा में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने पुरस्कृत किया। पुरस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा को उभारने के लिए देशभक्ति कविता प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें हिमांशु सैनी प्रथम, दीपिका खाखिल द्वितीय, निशा चावला तृतीय स्थान पर रही। मुख्य अतिथि विष्णुकांत रूंथला ने भारतीय संस्कृति अपनाने पर बल देते हुए गायत्री परिवार के द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि कल्याण सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति संस्कारों पर आधारित है। बिना संस्कार के मनुष्य पशु के समान है।
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी दीपचंद पंवार ने कहा कि व्यक्ति को अपना लक्ष्य निर्धारित करके पुरूषार्थ से आगे बढऩा चाहिए। कार्यक्रम संयोजक कृष्ण कुमार दायमा ने समय संयम, विचार संयम, इन्द्रिय संयम, अर्थ संयम के नियमों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में व्याख्याता रणवीर सिंह, कैलाश सैनी, पंकज सैनी, बजरंग कुमावत, दिनेश सैनी, विद्याधर सांखला, राजेश कुमार चौहान, अखिलेश कुमार चावला, संगीता पायल, रतनलाल सैनी, सुनील सैनी, ओमप्रकाश सैनी, ललित सैनी, पूजा चौबदार, सुमित्रा सैनी, एकता शर्मा, पूजा सैनी, कंचन बारी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता विजय कुमार दायमा ने किया।
Published on:
02 Apr 2019 05:10 pm
